गोरखपुर
पुलिस भर्ती परीक्षा में सेंध की कोशिश, मोबाइल के साथ पकड़ा गया परीक्षार्थी
मेटल डिटेक्टर की जांच में गुमराह कर पहुंचा परीक्षा कक्ष तक, सुरक्षा चूक पर 3 दरोगा व 7 सिपाही निलंबित
कक्ष निरीक्षक की सतर्कता से खुला मामला, एसएसपी ने दिए विभागीय जांच के आदेश
गोरखपुर। पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा के दौरान मीना थापा इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक सामने आई। एक परीक्षार्थी मोबाइल फोन को छिपाकर परीक्षा कक्ष तक पहुंच गया, हालांकि कक्ष निरीक्षक की सतर्कता के चलते उसे प्रश्नपत्र वितरण से पहले ही पकड़ लिया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में तीन उपनिरीक्षकों और सात सिपाहियों को निलंबित कर दिया है।
मेटल डिटेक्टर बजने पर पुलिसकर्मियों को किया गुमराह
जानकारी के अनुसार बिहार निवासी राम प्रकाश परीक्षा देने के लिए केंद्र पर पहुंचा था। आरोप है कि उसने मोबाइल फोन को शरीर के संवेदनशील हिस्से के पास रस्सी से बांधकर छिपा रखा था। प्रवेश द्वार पर जांच के दौरान मेटल डिटेक्टर से संकेत मिलने पर उसने पुलिसकर्मियों को यह कहकर गुमराह कर दिया कि आवाज उसके शरीर पर मौजूद धातु की चेन के कारण आ रही है।
पुलिसकर्मी उसके कथन पर भरोसा कर आगे बढ़ने की अनुमति दे बैठे, जिससे वह परीक्षा कक्ष तक पहुंच गया।
कक्ष निरीक्षक की सतर्कता से खुला राज
परीक्षा शुरू होने से पहले कक्ष निरीक्षक को परीक्षार्थी की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। तलाशी लेने पर उसके पास से मोबाइल फोन बरामद हुआ। इसके बाद उसे तत्काल पुलिस के हवाले कर दिया गया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। मेटल डिटेक्टर और बहुस्तरीय जांच व्यवस्था के बावजूद मोबाइल फोन का परीक्षा कक्ष तक पहुंच जाना प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है।
3 दरोगा और 7 सिपाही निलंबित
मामले में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर एसएसपी ने गेट पर ड्यूटी कर रहे तीन उपनिरीक्षकों और सात सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
पहले दिन 28 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
जनपद के 44 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित भर्ती परीक्षा के पहले दिन दोनों पालियों में कुल 38,928 अभ्यर्थियों को शामिल होना था। इनमें से 28,237 अभ्यर्थी परीक्षा में उपस्थित हुए, जबकि 10,691 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
आगे और सख्त होगी निगरानी
अधिकारियों ने बताया कि आगामी पालियों की परीक्षाओं में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाएगा। मेटल डिटेक्टर जांच को प्रभावी बनाने, संदिग्ध अभ्यर्थियों की गहन तलाशी लेने तथा किसी भी प्रकार के बहाने को गंभीरता से जांचने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि परीक्षा की निष्पक्षता और शुचिता पूरी तरह बरकरार रखी जा सके।
