आजमगढ़
एक लाख का इनामी बदमाश भानू प्रताप सिंह मुठभेड़ में ढेर, पृथ्वीराज यादव हत्याकांड का था मुख्य आरोपी
एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में खत्म हुआ लंबे समय से फरार अपराधी, तीन दर्जन से अधिक मुकदमे थे दर्ज
आजमगढ़। मुबारकपुर क्षेत्र के चर्चित दुधिया कारोबारी पृथ्वीराज यादव हत्याकांड में वांछित चल रहे एक लाख रुपये के इनामी अपराधी भानू प्रताप सिंह उर्फ बब्लू सिंह के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद आजमगढ़ पुलिस ने राहत की सांस ली है। लंबे समय से फरार यह कुख्यात अपराधी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था।
सुपारी लेकर हत्या कराने का था आरोप
गोरखपुर जनपद के बेलघाट थाना क्षेत्र के विधानापार गांव निवासी भानू प्रताप सिंह पर आरोप था कि उसने सुपारी लेकर पिपरापुर निवासी दुधिया कारोबारी पृथ्वीराज यादव की हत्या कराई थी। इस मामले में वह थाना मुबारकपुर में दर्ज मुकदमे में वांछित चल रहा था।
उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी, लेकिन वह हर बार पुलिस को चकमा देने में सफल हो रहा था।
25 हजार से बढ़ाकर किया गया था एक लाख का इनाम
आजमगढ़ पुलिस ने पहले उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। बाद में उसके बढ़ते आपराधिक नेटवर्क और गिरफ्तारी में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए इनाम राशि बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई थी।
इसके अलावा अंबेडकरनगर और गोरखपुर पुलिस ने भी उस पर अलग-अलग इनाम घोषित कर रखा था।
हत्या, लूट और अपहरण समेत कई गंभीर मामलों में था आरोपी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार भानू प्रताप सिंह के खिलाफ हत्या, लूट, डकैती, अपहरण, हत्या का प्रयास, चोरी, आर्म्स एक्ट और संगठित अपराधों से जुड़े तीन दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज थे।
उसके खिलाफ आजमगढ़ के अलावा गोरखपुर, संतकबीरनगर, मऊ, अंबेडकरनगर और बस्ती जनपदों में भी गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे।
अयोध्या में STF और पुलिस ने की कार्रवाई
रविवार को अयोध्या में एसटीएफ फील्ड यूनिट प्रयागराज और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे घेर लिया। पुलिस के अनुसार घेराबंदी के दौरान भानू प्रताप सिंह ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया। बाद में अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अपराधियों के लिए बड़ा संदेश
डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि भानू प्रताप सिंह के मारे जाने से पृथ्वीराज यादव हत्याकांड और उससे जुड़े आपराधिक नेटवर्क की जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से जिले में सक्रिय अपराधियों के बीच भी सख्त संदेश गया है कि गंभीर अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।
पुलिस को मिली बड़ी सफलता
पुलिस अधिकारियों के अनुसार भानू प्रताप सिंह लंबे समय से कानून से बचता फिर रहा था। उसकी मौत को संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
