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गाजीपुर

पंचायतों में आरक्षण से अनुसूचित जाति की महिलाओं में बढ़ा नेतृत्व और आत्मविश्वास : हर्षिता जोशी

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स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पूर्व शोध प्रबंध प्रस्तुत संगोष्ठी का आयोजन

देवकली ब्लॉक के अध्ययन में पंचायती राज व्यवस्था को महिला सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बताया गया

गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाजीपुर के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ तथा विभागीय शोध समिति के तत्वावधान में आयोजित पूर्व शोध प्रबंध प्रस्तुत संगोष्ठी में राजनीति विज्ञान विभाग की शोधार्थी हर्षिता जोशी ने अपने शोध विषय “पंचायती राज में अनुसूचित जाति की महिलाओं का सशक्तिकरण : जनपद गाजीपुर के देवकली ब्लॉक का एक अध्ययन” प्रस्तुत किया।

शोधार्थी हर्षिता जोशी ने कहा कि 73वें संविधान संशोधन के बाद महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलने से उनके सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक जीवन में व्यापक परिवर्तन आए हैं। देवकली ब्लॉक के अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ है कि पंचायतों में आरक्षण ने अनुसूचित जाति की महिलाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की शक्ति का विकास किया है।

अशिक्षा, आर्थिक निर्भरता और प्रॉक्सी प्रतिनिधित्व बनी हुई हैं प्रमुख बाधाएं

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अपने शोध में हर्षिता जोशी ने बताया कि पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने के बावजूद अशिक्षा, आर्थिक निर्भरता, सामाजिक रूढ़ियां और प्रॉक्सी प्रतिनिधित्व जैसी समस्याएं अब भी मौजूद हैं। इसके बावजूद पंचायती राज व्यवस्था अनुसूचित जाति की महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है।

उन्होंने कहा कि उचित प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और संस्थागत सहयोग मिलने पर ये महिलाएं ग्रामीण विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बना सकती हैं।

प्रशिक्षण, शिक्षा और जागरूकता अभियान पर दिया गया जोर

शोधार्थी ने महिला प्रतिनिधियों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम, पंचायत प्रशासन एवं वित्तीय प्रबंधन की जानकारी, महिला शिक्षा को बढ़ावा, स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने, सामाजिक भेदभाव समाप्त करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने तथा पंचायत बैठकों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने जैसे सुझाव प्रस्तुत किए।

इसके साथ ही प्रॉक्सी प्रतिनिधित्व पर प्रभावी नियंत्रण और सरकारी योजनाओं की जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराने की भी आवश्यकता बताई गई।

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विशेषज्ञों के प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर देने पर मिली सराहना

प्रस्तुतीकरण के बाद विभागीय शोध समिति, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ, प्राध्यापकों एवं शोधार्थियों ने शोध से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका हर्षिता जोशी ने संतोषजनक उत्तर दिया। इसके उपरांत समिति के चेयरमैन एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने शोध प्रबंध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान की।

संगोष्ठी में प्रो. (डॉ.) जी. सिंह, प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार, प्रो. (डॉ.) मोहम्मद आबिद अंसारी, डॉ. आलोक रंजन श्रीवास्तव, डॉ. आनंद कुमार सिंह, प्रो. (डॉ.) अरुण कुमार यादव सहित महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापक एवं शोधार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रो. (डॉ.) जी. सिंह ने किया, जबकि अंत में विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

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