वाराणसी
जातियों में बंटे तो भारत कमजोर होगा : स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती
महाराणा प्रताप जयंती पर आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने रखे विचार
वाराणसी। महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर शनिवार को परेड कोठी स्थित प्रताप पैलेस में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती ने कहा कि महाराणा प्रताप के संघर्ष में कोल-भील, आदिवासी, दलित और शोषित समाज ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि यदि समाज जातियों में बंटेगा तो भारत कमजोर हो जाएगा।
विशिष्ट अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष उपाध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप जैसे महापुरुष किसी विशेष कालखंड में जन्म लेते हैं और उनकी जयंती गांव-गांव तथा हर घर में मनाई जानी चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. शिवेंद्र सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप के आदर्श आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं और उनके विचारों को आत्मसात करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। आयोजक अजय सिंह बॉबी ने अतिथियों का माल्यार्पण एवं स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया। संचालन चंद्रशेखर फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हिमांशु सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन विनय सिंह हिटलर और स्वागत भाषण इंद्रजीत सिंह ने दिया।
इस अवसर पर कुंवर कांत सिंह, संतोष सिंह, अभिषेक निगम, दीपा अमित सिंह, प्रीति जायसवाल, संतोषी शुक्ला, दीपा सिंह, पूजा सिंह, किरण सिंह, मालती विश्वकर्मा, ममता गुप्ता, अमित एवं प्रशांत सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
