गोरखपुर
महिलाओं के अधिकारों पर एकजुटता जरूरी: एडवोकेट पूजा गुप्ता
गोरखपुर। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर संसद में हुई राजनीतिक बहस के बीच एडवोकेट पूजा गुप्ता ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि यह मुद्दा केवल राजनीति का नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि जब देश की आधी आबादी को समान अवसर देने की बात आती है, तो यह हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी बनती है कि वह इस दिशा में सकारात्मक भूमिका निभाए। उनके अनुसार, विपक्षी दलों द्वारा इस महत्वपूर्ण विधेयक के समर्थन में मतदान न करना महिलाओं के हितों को कहीं न कहीं प्रभावित करता है।
एडवोकेट पूजा गुप्ता ने कहा कि महिलाओं को प्रतिनिधित्व देना केवल अधिकारों की पूर्ति नहीं, बल्कि देश के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि आज भी समाज के कई स्तरों पर महिलाओं को नेतृत्व और अपनी बात रखने के लिए अतिरिक्त संघर्ष करना पड़ता है।
उन्होंने आगे कहा कि जब महिलाओं को अवसर मिलता है, तो वे न केवल अपने लिए बल्कि पूरे समाज के लिए सकारात्मक परिवर्तन लाने में सक्षम होती हैं।
इस संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि “महिलाओं को उनका अधिकार देना ही सच्चे अर्थों में सशक्तिकरण है।”
अंत में उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे मतभेद भुलाकर महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के लिए एकजुट हों, क्योंकि नारी सशक्तिकरण ही एक मजबूत और समावेशी राष्ट्र की आधारशिला है।
