गोरखपुर
सरकारी जमीन पर कब्जे से भड़के ग्रामीण, सहजनवा तहसील पर किया प्रदर्शन
गोरखपुर। सहजनवा तहसील क्षेत्र के अमटौरा गांव में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सार्वजनिक रास्ते के निर्माण में आ रही बाधा से नाराज ग्रामीणों ने शनिवार को तहसील मुख्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। करीब ढाई दर्जन की संख्या में जुटे ग्रामीणों ने संपूर्ण समाधान दिवस के मौके पर उपजिलाधिकारी केशरी नंदन तिवारी को शिकायती पत्र सौंपते हुए तत्काल कब्जा हटाने की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे ग्राम प्रधान श्रीराम शर्मा उर्फ मोनू शर्मा ने बताया कि गांव की आराजी संख्या 494, 493, 485 और 487 सरकारी भूमि के रूप में दर्ज है। आरोप है कि इन जमीनों पर गांव के ही एक दबंग व्यक्ति ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। इस कब्जे के चलते ग्रामीणों के लिए आने-जाने का रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया है, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि उक्त सरकारी भूमि पर रास्ता निर्माण कराया जाना बेहद जरूरी है, ताकि गांव के लोगों को आवागमन में सुविधा मिल सके। लेकिन अवैध कब्जे के कारण विकास कार्य ठप पड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब आरोपित व्यक्ति द्वारा शिकायत करने पर ग्रामीणों को गाली-गलौज और मारपीट की धमकी दी जाने लगी। इससे ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों का माहौल है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि समय रहते अवैध कब्जा नहीं हटाया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
प्रदर्शन में संजय शर्मा, सुभाष शर्मा, भगवानदास, हरिलाल, अंकित गुप्ता, राज गुप्ता, सुधीर गुप्ता, रंजना शर्मा, गंगोत्री देवी, संतरा, शांति देवी, शुभावती, राजेश्वरी देवी, विनोद शर्मा, इसरावती, लाल देवी, प्रेमा देवी, फूलमती, सोनू कुमार और सूरज सिंह सहित कई ग्रामीण शामिल रहे।
ग्रामीणों की एकजुटता और प्रशासन पर बढ़ते दबाव को देखते हुए अब यह देखना अहम होगा कि संबंधित अधिकारियों द्वारा इस मामले में कितनी जल्द कार्रवाई की जाती है।
