वाराणसी
RTE के तहत प्रवेश में लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
वाराणसी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 के अंतर्गत सत्र 2026-27 के लिए निजी विद्यालयों में आरक्षित सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी कर ली गई है। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी विद्यालयों को कड़े निर्देश जारी किए हैं।
जारी निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि किसी भी पात्र बच्चे को प्रवेश से वंचित नहीं किया जा सकता। यदि कोई विद्यालय प्रवेश देने से इंकार करता है, किसी प्रकार का शुल्क मांगता है, अनावश्यक दस्तावेजों की मांग करता है या अभिभावकों को परेशान करता है, तो यह पूरी तरह प्रतिबंधित और दंडनीय होगा।
RTE अधिनियम की धारा 13 के तहत प्रवेश के समय कैपिटेशन फीस लेना और बच्चों या अभिभावकों की स्क्रीनिंग करना अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर वसूली गई फीस का दस गुना तक जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, स्क्रीनिंग के पहले उल्लंघन पर ₹25,000 और दोबारा उल्लंघन पर ₹50,000 तक का जुर्माना निर्धारित है।
इसके अलावा, जिन बच्चों का प्रवेश हो चुका है, उनका विवरण गूगल शीट पर अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा। इस डेटा का सत्यापन खंड शिक्षा अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा किया जाएगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जनपद के सभी संबंधित विद्यालयों को निर्देशित किया है कि इन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें, ताकि प्रत्येक पात्र बच्चे को उसका अधिकार मिल सके।
