गोरखपुर
राजकुमार चौहान हत्याकांड : पत्नी के आरोपों के बाद बदली जांच, अब गोरखनाथ पुलिस खोलेगी हत्या का राज
गोरखपुर। चर्चित राजकुमार चौहान हत्याकांड की जांच में अहम बदलाव किया गया है। मामले की विवेचना अब चिलुआताल थाने से हटाकर गोरखनाथ थाने को सौंप दी गई है। इस निर्णय के बाद जांच की दिशा को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं।
घटना 17 मार्च की सुबह करीब 6:15 बजे की है, जब बरगदवा निवासी राजकुमार चौहान पर बदमाशों ने हमला कर दिया था। हमलावरों ने पहले गोली मारी और फिर चाकू से वार कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। आनन-फानन में उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।
पुलिस ने मामले में तेजी दिखाते हुए अब तक 10 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर राज चौहान उर्फ निरहू, विपिन यादव, दीपक गौड़, लालजी यादव, शेषनाथ यादव, अंकित यादव, देवव्रत यादव, सचिन यादव और मनीष यादव समेत कई नाम सामने आए हैं। घटना में प्रयुक्त पिस्टल और चाकू भी बरामद किए जाने की बात कही गई है।
जांच में यह संकेत भी मिले हैं कि कुछ आरोपियों के तार लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस इस पहलू की भी गहनता से पड़ताल कर रही है।
इसी बीच मृतक की पत्नी ने चिलुआताल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कुछ मुख्य आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मामले को अन्य थाने में स्थानांतरित करने की मांग की थी। इसके बाद एसएसपी ने केस गोरखनाथ थाने को ट्रांसफर कर दिया। अब इस प्रकरण की निगरानी एसपी सिटी और सीओ गोरखनाथ द्वारा की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपियों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत के साथ-साथ लोगों में आक्रोश का माहौल भी बना हुआ है। केस ट्रांसफर के बाद परिजन और स्थानीय लोग निष्पक्ष जांच की उम्मीद जता रहे हैं, ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके।
