वाराणसी
शिक्षक पति की मौत के बाद पत्नी ने लगाई गुहार, दूसरी महिला के दावे से बढ़ा विवाद
वाराणसी। शिक्षक रामवृक्ष की असामयिक मृत्यु के तीन माह भी पूरे नहीं हुए हैं कि उनकी पत्नी मिथिलेश देवी को अपने अधिकारों के लिए प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। मामला उस समय और उलझ गया जब एक अन्य महिला भी स्वयं को मृतक शिक्षक की पत्नी बताते हुए विभाग से लाभ लेने का दावा करने लगी।
इसी संदर्भ में मिथिलेश देवी अपने परिजनों के साथ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचीं और अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव के समक्ष हाथ जोड़कर अपनी बात रखी। उनके हाथ में एक फाइल थी, जिसमें पति से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज और पारिवारिक विवरण सुरक्षित थे। उन्होंने दस्तावेजों के माध्यम से स्वयं और अपने बच्चों का नाम दर्ज होने का हवाला देते हुए अपने वैध अधिकार की पुष्टि की।
मिथिलेश देवी ने स्पष्ट कहा कि वह रामवृक्ष की विधिवत पत्नी हैं, जबकि दूसरी महिला का दावा पूरी तरह निराधार है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित महिला, जो गाजीपुर के सैदपुर क्षेत्र की निवासी है और पहले से विवाहित है, विभाग को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। इस संबंध में उन्होंने बीएसए को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए न्याय की मांग की।
रामवृक्ष वाराणसी के चोलापुर स्थित पलकहा प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक पद पर कार्यरत थे और 11 दिसंबर 2025 को उनका निधन हो गया था। मिथिलेश देवी के अनुसार, विभागीय अभिलेखों में उनके नाम का ही उल्लेख है, इसके बावजूद दूसरी महिला द्वारा किए जा रहे दावे से स्थिति जटिल हो गई है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि किसी भी गलत व्यक्ति को विभागीय लाभ नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्राप्त प्रार्थना पत्र को संबंधित अभिलेखों में संलग्न कर लिया गया है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी प्रकार की धोखाधड़ी न हो।
