गाजीपुर
शहर से छोड़े गए बंदरों ने बिगाड़े हालात, गांव में भय का माहौल
गाजीपुर (जयदेश)। जनपद के ग्राम पंचायत नगवा खुर्द उर्फ कटैला के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शहर से पकड़े गए बंदरों को ग्रामीण क्षेत्रों में छोड़े जाने पर गहरी आपत्ति दर्ज कराई। ग्रामीणों का कहना है कि इस कदम के बाद क्षेत्र में बंदरों की संख्या तेजी से बढ़ गई है, जिससे गांवों में भय और असुरक्षा का माहौल उत्पन्न हो गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि बंदरों के झुंड द्वारा किसानों की खड़ी फसलों को लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। इसके अलावा घरों और दुकानों में भी बंदरों द्वारा सामान खराब करने की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई मामलों में बंदरों के हमले से लोग घायल हो चुके हैं, जिससे विशेष रूप से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, यह समस्या केवल असुविधा तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि अब यह आजीविका और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बन चुका है। खेती और छोटे व्यापार पर निर्भर लोगों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि शहर की समस्या का समाधान गांवों पर थोप दिया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने मांग की है कि गांवों में छोड़े गए बंदरों को तत्काल पकड़कर किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। साथ ही इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जांच कर उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए।
यह ज्ञापन सामाजिक कार्यकर्ता विवेक कुशवाहा के नेतृत्व में सौंपा गया, जिसमें समाजवादी पार्टी के नगर अध्यक्ष दिनेश सिंह यादव सहित अशोक कुशवाहा, शमशाद अंसारी, अशोक यादव, राजू यादव, रितेश यादव, मंगलजीत कुमार तथा अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की है, ताकि क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल हो सके और लोगों को राहत मिल सके।
