वाराणसी
कफ सीरप सिंडिकेट के सरगना पर शिकंजा , कोर्ट ने जारी की उद्घोषणा
भदवर जिम तहखाने से मिली खेप ने खोली तस्करी सिंडिकेट की परतें
वाराणसी। कफ सीरप तस्करी मामले में रोहनिया पुलिस ने सरगना शुभम जायसवाल के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। भोला प्रसाद जायसवाल समेत छह आरोपितों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किए जाने के बाद अब पुलिस मुख्य आरोपी को कानून के दायरे में लाने की प्रक्रिया में जुट गई है।
गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बावजूद शुभम जायसवाल के न्यायालय में उपस्थित न होने पर अदालत ने उसके खिलाफ उद्घोषणा जारी कर दी। इसके तहत रोहनिया पुलिस ने प्रह्लादघाट स्थित मोहल्ला कायस्थान में उसके आवास सहित न्यायालय परिसर और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर उद्घोषणा पत्र चस्पा किया। उद्घोषणा में 30 मार्च को अपर सत्र न्यायाधीश/द्रुतगामी न्यायालय (14वां वित्त आयोग) मनोज कुमार की अदालत में हाजिर होने की अंतिम अपेक्षा दर्ज की गई है।
पुलिस अब न्यायालय के आदेश की अवहेलना के संबंध में परिवाद दाखिल करेगी, जिसके बाद शुभम जायसवाल को विधिक रूप से भगोड़ा घोषित किए जाने की कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
इस प्रकरण में 12 फरवरी को पहली चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। संभावना है कि रोहनिया पुलिस ही शुभम को दुबई से भारत लाने की पहल सबसे पहले शुरू करे। यदि निर्धारित तिथि पर वह न्यायालय में उपस्थित नहीं होता है तो पुलिस के लिए उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई और चार्जशीट दाखिल करने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। चार्जशीट दाखिल होते ही उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी आरंभ की जाएगी।
पूरा मामला 18 नवंबर को रोहनिया क्षेत्र के भदवर स्थित एक जिम के तहखाने से पांच सौ पेटी स्कफ सीरप और फेंसाडील सीरप की बरामदगी से जुड़ा है। जांच के दौरान तहखाने से एक ई-वे बिल मिला, जिसके आधार पर पुलिस गाजियाबाद के सरगना सौरभ त्यागी, शुभम जायसवाल समेत नौ लोगों तक पहुंची और उनके खिलाफ ठोस साक्ष्य एकत्र किए।
इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने लगभग दो हजार पन्नों की केस डायरी तैयार कर 28 पृष्ठों का आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया है। आरोप पत्र सरगना शुभम के पिता भोला प्रसाद, स्वप्निल केसरी, आशीष यादव, दिनेश यादव, आजाद यादव जायसवाल और महेश सिंह के विरुद्ध प्रस्तुत किया गया है।
