गोरखपुर
श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर झूम उठा हरपुर, गूंजे जयकारे
गोरखपुर। ग्राम हरपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस का दृश्य ऐसा था मानो स्वयं वैकुंठ धरती पर उतर आया हो। जैसे ही कथा व्यास आचार्य पंडित प्रवीण पाण्डेय ने श्रीकृष्ण जन्म का मंगल प्रसंग सुनाया, श्रोतागण भावविभोर होकर भक्ति रस में डूब गए। ढोल मंजीरों की मधुर ध्वनि, भजनों की गूंज और जयकारों के बीच पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हो उठा।
आचार्य प्रवीण पाण्डेय ने भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण की कथा को इतने भावपूर्ण और जीवंत शब्दों में प्रस्तुत किया कि प्रत्येक श्रोता की आंखें नम हो गईं। उन्होंने समझाया कि श्रीकृष्ण का जन्म केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं बल्कि अधर्म पर धर्म की विजय, अहंकार पर प्रेम की जीत और अज्ञान पर ज्ञान का प्रकाश है। उनके प्रवचनों ने जनमानस को आत्मचिंतन की दिशा में प्रेरित किया।

कथा के दौरान जैसे ही नंदनंदन के जन्म की झांकी सजी, श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर बाल गोपाल का स्वागत किया। महिलाओं ने मंगल गीत गाए, युवाओं ने नृत्य किया और वृद्धजनों ने हाथ जोड़कर प्रभु के चरणों में श्रद्धा अर्पित की। परिक्षित श्रीमान बजरंग प्रजापति एवं समस्त प्रजापति परिवार की भक्ति और सेवा भावना ने आयोजन को और भी दिव्य बना दिया।
इस पावन अवसर पर आचार्य ने यह संदेश दिया कि श्रीकृष्ण का जीवन हमें कर्मयोग, प्रेम और करुणा का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि जब समाज श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपनाएगा तभी सच्चा सुख और शांति संभव होगी। श्रोताओं ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे अपने जीवन में धर्म और सदाचार को स्थान देंगे।
कार्यक्रम के अंत में आरती और प्रसाद वितरण हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पंचम दिवस का यह श्रीकृष्ण जन्मोत्सव ग्राम हरपुर के इतिहास में आस्था, श्रद्धा और भक्ति का स्वर्णिम अध्याय बनकर सदैव स्मरणीय रहेगा। इस विशेष अवसर पर दूर दूर से आए श्रद्धालुओं ने कथा स्थल को तपोभूमि बताया और आचार्य के प्रवचनों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। वातावरण में शांति प्रेम और विश्वास का ऐसा संगम दिखा जिसने सभी को आध्यात्मिक रूप से मंत्रमुग्ध कर दिया।
