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गोरखपुर

आईटीएम के छात्र ने नेत्रहीनों के लिए तैयार किया स्मार्ट ब्लाइंड्स शूज

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गोरखपुर। लुई ब्रेल दिवस के अवसर पर आईटीएम गीडा , गोरखपुर के बीसीए तृतीय वर्ष के छात्र आदित्य मद्देशिया ने नेत्रहीन व्यक्तियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट ब्लाइंड्स शू का निर्माण किया है। यह नवाचार कॉलेज के इनोवेशन सेल की टीम के सहयोग से तैयार किया गया है।

छात्र आदित्य मद्देशिया ने बताया कि यह जूता विशेष रूप से नेत्रहीन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है। जूते में लगे वाटरप्रूफ अल्ट्रासोनिक सेंसर आसपास मौजूद बाधाओं और ठोकरों को पहले ही पहचान लेते हैं। जैसे ही सामने कोई अवरोध आता है, जूते में लगा अलार्म और वाइब्रेशन सिस्टम सक्रिय हो जाता है, जिससे नेत्रहीन व्यक्ति को आगे की स्थिति का संकेत मिल जाता है और दुर्घटना की संभावना कम हो जाती है।

इस स्मार्ट जूते में वाटर अलर्ट सेंसर भी लगाया गया है, जो रास्ते में जल-जमाव होने पर अलग प्रकार का अलार्म देता है। इससे नेत्रहीन व्यक्ति को यह जानकारी मिल जाती है कि उनके सामने पानी है। वर्तमान में यह जूता दो मीटर की दूरी तक वस्तुओं का पता लगाने में सक्षम है। यह जूता पूरी तरह रीचार्जेबल है, जिसे चार्ज कर बार-बार उपयोग किया जा सकता है।

संस्थान के निदेशक डॉ. एन. के. सिंह ने छात्रों के इस नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि सकारात्मक सोच और नवाचार के माध्यम से समाज की कई गंभीर समस्याओं का समाधान संभव है।

आदित्य मद्देशिया ने बताया कि इस स्मार्ट शू को तैयार करने में सात दिन का समय और लगभग 7,500 रुपये का खर्च आया है। यदि इसे बड़े पैमाने पर बनाया जाए तो इसकी लागत एक हजार रुपये से भी कम हो सकती है। इसे बनाने में सिंगल अल्ट्रासोनिक सेंसर, नैनो ऑर्डिनो, वाटर सेंसर, बैटरी और अलार्म सिस्टम का उपयोग किया गया है। यह नवाचार नेत्रहीन व्यक्तियों के आत्मनिर्भर और सुरक्षित जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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