गोरखपुर
लिफ्ट में फंस जाएं तो न हों भयभीत! इन पांच इमरजेंसी उपायों से मिलेगी तत्काल सुरक्षा और राहत
गोरखपुर। आज के दौर में ऊंची इमारतों और व्यस्त रेलवे स्टेशनों पर लिफ्ट का उपयोग आम हो चुका है, लेकिन तकनीकी खराबी या बिजली गुल होने की स्थिति में लिफ्ट का बीच में रुक जाना एक भयावह अनुभव हो सकता है, खासकर भीड़-भाड़ वाले गोरखपुर रेलवे स्टेशन जैसी जगहों पर। लिफ्ट में फंसने पर अक्सर लोग घबरा जाते हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। विशेषज्ञों और सुरक्षा दिशानिर्देशों के अनुसार, ऐसे समय में घबराने के बजाय, सही और सूझबूझ वाले कदम उठाना सबसे महत्वपूर्ण है।
यहां जानें वह विस्तृत जानकारी और आपातकालीन कदम, जिनकी मदद से आप सुरक्षित बाहर निकल सकते हैं:
1. सबसे पहले ‘पैनिक’ न हों, शांत रहें। लिफ्ट में फंसे होने पर तुरंत घबराहट होना स्वाभाविक है, लेकिन इससे आपकी हृदय गति बढ़ सकती है और निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। खुद को शांत करने के लिए गहरी और धीमी सांसें लें।
याद रखें, आधुनिक लिफ्टों में वेंटिलेशन (हवा आने-जाने) की पर्याप्त व्यवस्था होती है, इसलिए दम घुटने का खतरा बहुत कम होता है। दूसरों को संयमित करें। यदि आपके साथ अन्य लोग भी लिफ्ट में हैं, तो उन्हें भी शांत रहने के लिए कहें।
2. आपातकालीन बटन का तुरंत उपयोग करें जो मदद के लिए संपर्क स्थापित करना पहला और सबसे प्रभावी कदम है। लिफ्ट के कंट्रोल पैनल पर घंटी या अलार्म का निशान बना एक बटन होता है। इसे दबाने से बिल्डिंग स्टाफ, रेलवे सुरक्षाकर्मी, या सिक्योरिटी गार्ड को फंसे होने की सूचना मिल जाती है।
कई लिफ्टों में सीधे रखरखाव टीम या गार्ड रूम से बात करने के लिए फोन के निशान वाला बटन (इंटरकॉम) होता है। इसका उपयोग करके अपनी सटीक लोकेशन (जैसे, गोरखपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 और 3 के बीच की लिफ्ट) की जानकारी दें।

3. मोबाइल फोन का इस्तेमाल करे। अगर इंटरकॉम काम नहीं कर रहा है और आपके फोन में सिग्नल है, तो तुरंत मदद मांगें।अपने किसी करीबी को कॉल करें और उन्हें बताएं कि आप किस जगह (स्टेशन का नाम, प्लेटफॉर्म नंबर) और किस लिफ्ट में फंसे हैं।
रेलवे स्टेशन पर फंसे होने की स्थिति में रेलवे के आपातकालीन नंबर (अगर उपलब्ध हो) पर कॉल करें। एक बार संपर्क स्थापित होने के बाद, मदद आने तक फोन का इस्तेमाल कम करें ताकि बैटरी बची रहे।
4.जल्दबाजी में उठाए गए गलत कदम स्थिति को और बिगाड़ सकते हैं और खतरनाक हो सकते हैं। जबरदस्ती लिफ्ट के दरवाजे खोलने की कोशिश सबसे बड़ी गलती है। यदि लिफ्ट दो मंजिलों के बीच फंसी है और आप बाहर निकलने का प्रयास करते हैं, तो आप नीचे लिफ्ट शाफ़्ट में गिर सकते हैं।

घबराहट में सभी बटनों को बार-बार दबाने से बचें, क्योंकि इससे मशीन के सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी आ सकती है। लिफ्ट के अंदर कूदने या तेजी से हिलने-डुलने से उसका स्टेबलाइजर सिस्टम खराब हो सकता है, जिससे लिफ्ट के अनियंत्रित होने का खतरा बढ़ जाता है।
5. धैर्य रखें और बाहर निकलने के निर्देश का इंतजार करें।
पेशेवर मदद आने तक शांत रहें। अगर आप अकेले हैं या लोगों की भीड़ है, तो लिफ्ट की दीवार से सटकर खड़े हो सकते हैं।जब लिफ्टमैन या तकनीशियन पहुंचे, तो उनके निर्देशों का सख्ती से पालन करें। वे आपको लिफ्ट को पूरी तरह से सुरक्षित कर लेने के बाद ही बाहर निकलने के लिए कहेंगे।
लिफ्ट में फंसना एक अप्रिय घटना हो सकती है, लेकिन इन उपायों को ध्यान में रखकर आप न केवल अपनी बल्कि अपने सहयात्रियों की भी जान और सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।
