बलिया
बलिया की बेटी प्रिया राजभर ने रचा इतिहास
अंडर-17 सैफ़ गेम्स में करेंगी देश का प्रतिनिधित्व
बलिया। प्रतिभा और संघर्ष की धरती बलिया एक बार फिर गर्व से सराबोर हो गई है। बेल्थरा रोड के टंगुनिया गांव की प्रिया राजभर ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जो अब तक जिले की किसी भी बेटी ने नहीं किया था। प्रिया ने अंडर-17 बालिका फुटबॉल सैफ़ गेम्स के लिए भारतीय टीम में जगह बनाई है। यह प्रतियोगिता 20 से 31 अगस्त तक भूटान में आयोजित हो रही है।
इस तरह प्रिया अंतरराष्ट्रीय मैदान पर कदम रखने वाली बलिया की पहली महिला फुटबॉलर बन गई हैं।यह उपलब्धि सिर्फ प्रिया की नहीं, बल्कि उनके परिवार और कोच की मेहनत का भी नतीजा है। आर्थिक तंगी और तमाम चुनौतियों को पार करते हुए प्रिया ने अपने सपनों को साकार किया। उनके कोच राम प्रकाश यादव ने अपने खेत को ही फुटबॉल का मैदान बना दिया, जहां आज भी करीब 40 लड़कियां नियमित अभ्यास करती हैं।
प्रिया की बड़ी बहन प्रीति भी खेल जगत में सक्रिय हैं और खेलो इंडिया में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। दोनों बहनें अब गांव की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।प्रिया के चयन से पूरे जिले में खुशी की लहर है।
खेल मैदान पर पहुंचकर कई लोगों ने प्रिया और उनके परिवार को बधाई दी। सभी का कहना है कि पिता का विश्वास, कोच का मार्गदर्शन और प्रिया की मेहनत ने इस सफलता को संभव बनाया है।
हालांकि बेल्थरा रोड में खिलाड़ियों के लिए कोई स्टेडियम न होना चिंता का विषय है, लेकिन प्रिया ने साबित कर दिया है कि असली प्रतिभा किसी सुविधा पर निर्भर नहीं करती। आज प्रिया की कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी की उपलब्धि नहीं, बल्कि उन तमाम बेटियों के सपनों की उड़ान है, जो कठिनाइयों के बावजूद मंज़िल पाने का जज़्बा रखती हैं।
