गोरखपुर
23 साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में तीन दोषियों को 7-7 साल की सजा
ऑपरेशन कनविक्शन के तहत गोरखपुर पुलिस की प्रभावी पैरवी, अदालत ने प्रत्येक दोषी पर लगाया 16 हजार रुपये का जुर्माना
गोरखपुर। ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत गोरखपुर पुलिस की प्रभावी पैरवी से वर्ष 2003 में बड़हलगंज थाने में दर्ज हत्या के प्रयास समेत अन्य गंभीर धाराओं के मामले में अदालत ने तीन अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने तीनों को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 16 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
पुराने मामले में पुलिस की प्रभावी पैरवी
पुलिस के अनुसार, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन कनविक्शन के तहत पुराने आपराधिक मामलों में प्रभावी पैरवी और निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में बड़हलगंज थाने के पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल ने मामले की लगातार पैरवी की।
इन धाराओं में दर्ज था मुकदमा
यह मामला बड़हलगंज थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 224/2003 से संबंधित है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 307/34, 326/34, 325, 323/34, 504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश, गोरखपुर की अदालत में हुई।
तीनों अभियुक्तों को सात-सात साल की सजा
न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की पैरवी के आधार पर राजू पुत्र रामवृक्ष, देवनारायण पुत्र स्वर्गीय अभिराज और रामसागर पुत्र रामवृक्ष, निवासी नेवाइजपार, थाना बड़हलगंज, गोरखपुर को दोषी करार दिया। तीनों को सात-सात वर्ष के कारावास के साथ 16-16 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
ऑपरेशन कनविक्शन के तहत कार्रवाई जारी
पुलिस के मुताबिक, मामले में डीजीसी प्रियानन्द सिंह का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन कनविक्शन के तहत पुराने और गंभीर मामलों में प्रभावी पैरवी जारी रहेगी, ताकि दोषियों को सजा दिलाई जा सके और कानून व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत हो।
