गाजीपुर
हैदराबाद में सड़क हादसे में किशोर की मौत, शव के इंतजार में तड़प रहा परिवार
रोजगार की तलाश में गया था 16 वर्षीय पंकज, तेज रफ्तार बोलेरो की टक्कर से गई जान
आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार के सामने शव गांव लाने की भी चुनौती
दुल्लहपुर (गाजीपुर)। थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुर गांव निवासी 16 वर्षीय पंकज चौहान की हैदराबाद में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजन अंतिम दर्शन के लिए शव के गांव पहुंचने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
रोजगार के लिए गया था हैदराबाद
जानकारी के अनुसार पंकज चौहान पुत्र स्वर्गीय श्रीनाथ चौहान आर्थिक तंगी के चलते कुछ दिन पूर्व रोजगार की तलाश में हैदराबाद गया था। उसने 22 मई को सिकंदराबाद के कुतुर स्थित माहेश्वरी प्लास्टिक फैक्ट्री में मजदूर के रूप में काम शुरू किया था। परिवार की आर्थिक मदद करने की जिम्मेदारी को महसूस करते हुए कम उम्र में ही वह रोजी-रोटी की तलाश में घर से दूर चला गया था।
फैक्ट्री से लौटते समय हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि बुधवार को पंकज अपने साथी रोशन के साथ बाइक से फैक्ट्री से कमरे की ओर लौट रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार बोलेरो ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे में बोलेरो का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि दोनों युवक सड़क किनारे झाड़ियों में जा गिरे। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। मृतक रोशन बिहार के बक्सर जिले का निवासी बताया गया है।
पिता का साया पहले ही उठ चुका था
पंकज के पिता श्रीनाथ चौहान का करीब दो वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। घर की जिम्मेदारी बड़े भाई अंगद चौहान के कंधों पर है, जो मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार में मां और बहन प्रियंका चौहान हैं। परिवार के किसी सदस्य का विवाह भी नहीं हुआ है।
सूचना मिलते ही मचा कोहराम
हादसे की जानकारी पंकज के साथ काम करने गए डीहा निवासी वरुण चौहान ने बुधवार रात करीब 10 बजे परिजनों को दी। सूचना मिलते ही मृतक की मां बदहवास हो गईं और पूरे परिवार में मातम छा गया।
शव लाने में आर्थिक संकट बना बाधा
परिजन मृतक का शव गांव लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन आर्थिक तंगी उनके सामने बड़ी समस्या बनकर खड़ी है। परिवार अंतिम दर्शन के लिए शव के पहुंचने का इंतजार कर रहा है।
प्रशासन से सहायता की मांग
गांव के लोगों ने प्रशासन और समाजसेवियों से पीड़ित परिवार की आर्थिक सहायता करने की मांग की है, ताकि मृतक का शव सम्मानपूर्वक गांव लाया जा सके और उसका अंतिम संस्कार विधिवत कराया जा सके। पूरे क्षेत्र में इस हृदयविदारक घटना को लेकर शोक व्याप्त है।
