गाजीपुर
स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा पर डीएम सख्त, वाहनों की फिटनेस और चालकों का सत्यापन अनिवार्य
जिला विद्यालय ज्ञान समिति की बैठक में परिवहन सुरक्षा के लिए कंट्रोल रूम और स्कूल स्तरीय समिति बनाने के निर्देश
गाजीपुर, 25 अगस्त 2026। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला विद्यालय ज्ञान समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के छात्र-छात्राओं की सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
हर विद्यालय में बनेगी परिवहन समिति
जिलाधिकारी ने विद्यालय स्तर पर परिवहन समिति का गठन कर नियमित बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों के साथ बेहतर समन्वय और परिवहन संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने को भी कहा गया।
स्कूली वाहनों के दस्तावेजों की होगी जांच
विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया गया कि छात्र-छात्राओं के परिवहन में लगे सभी वाहनों के फिटनेस प्रमाण-पत्र, परमिट और अन्य आवश्यक अभिलेखों की अनिवार्य जांच कराई जाए। इसके अलावा वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस और पुलिस सत्यापन समेत जरूरी दस्तावेजों की भी जांच सुनिश्चित की जाएगी।

चालकों को दी जाएगी सुरक्षा और सीपीआर की ट्रेनिंग
डीएम ने निर्देश दिया कि वाहन चालकों को ड्राइविंग संबंधी बेसिक गाइडलाइन की जानकारी होनी चाहिए। प्रत्येक बस में फर्स्ट एड बॉक्स और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। चालकों को सीपीआर सहित प्राथमिक सुरक्षा उपायों का प्रशिक्षण देने और विद्यालयों से इस संबंध में प्रमाण पत्र लेने के निर्देश भी दिए गए।
राजमार्ग किनारे स्कूलों पर लगेंगे ब्लिंक इंडिकेटर
राजमार्गों के किनारे स्थित विद्यालयों के पास सड़क सुरक्षा के लिए ब्लिंक इंडिकेटर लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि वाहन चालकों को स्कूल क्षेत्र की जानकारी मिल सके और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो।
सुरक्षा मानक पूरे न करने वाले वाहनों पर रोक
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करने वाले किसी भी वाहन का इस्तेमाल छात्र-छात्राओं के परिवहन में नहीं किया जाएगा। वाहनों की नियमित जांच और परिवहन व्यवस्था की सतत निगरानी की जाएगी।
छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक में कहा गया कि परिवहन से संबंधित सूचनाओं और समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए विद्यालय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के बीच निरंतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
