गोरखपुर
सहजनवा थाने के मालखाने से पिस्टल और कारतूस गायब, रिटायर्ड दीवान पर मुकदमा दर्ज
चार्ज हस्तांतरण के दौरान खुला राज, जांच में तत्कालीन मालखाना प्रभारी की भूमिका पर उठे सवाल
गोरखपुर। सहजनवा थाने के मालखाने से एक पिस्टल और कारतूस गायब होने का मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले की जांच में लापरवाही उजागर होने पर पुलिस ने तत्कालीन मालखाना प्रभारी रहे सेवानिवृत्त मुख्य आरक्षी दीनानाथ पाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
2018 के फायरिंग मामले में हुई थी बरामदगी
पुलिस के अनुसार वर्ष 2018 में सहजनवा नगर पंचायत के वार्ड नंबर-10 लुचुई में दो पक्षों के बीच हुए विवाद के दौरान फायरिंग का आरोप लगा था। मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से एक पिस्टल और कारतूस बरामद किया था।
बरामद असलहा और कारतूस को नियमानुसार फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था।
फॉरेंसिक जांच के बाद थाने लौटा था असलहा
फॉरेंसिक जांच पूरी होने के बाद 25 मई 2019 को पिस्टल और कारतूस वापस सहजनवा थाने भेजे गए थे। अभिलेखों के अनुसार विशेष वाहक कमलेश कुमार ने उक्त सामान तत्कालीन दीवान दीनानाथ पाल को सुपुर्द किया था, जिसकी प्रविष्टि मालखाना रजिस्टर में भी दर्ज है।
चार्ज हस्तांतरण में सामने आई बड़ी गड़बड़ी
करीब छह माह पूर्व मालखाने का चार्ज हस्तांतरण किए जाने के दौरान संबंधित पिस्टल और कारतूस मालखाने में नहीं मिले। इसके बाद मामले की विभागीय जांच कराई गई।
जांच में तत्कालीन मालखाना प्रभारी दीनानाथ पाल की जिम्मेदारी निर्धारित की गई, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की गई।
थानाध्यक्ष की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा
सहजनवा थानाध्यक्ष संजय कुमार मिश्र की तहरीर पर सेवानिवृत्त मुख्य आरक्षी दीनानाथ पाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मालखाने में जमा पिस्टल और कारतूस आखिर कहां और किन परिस्थितियों में गायब हुए।
पुलिस विभाग में मचा हड़कंप
मालखाने से सरकारी अभिरक्षा में रखे गए असलहे के गायब होने की घटना को गंभीर माना जा रहा है। मामले की जांच जारी है और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
