गाजीपुर
वज्रपात अभियान की सूची में समाजसेवी पिंटू यादव का नाम, क्षेत्र में तेज हुई चर्चाएं
जनसेवा के लिए पहचान रखने वाले प्रधानपति ने उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग
खानपुर (गाजीपुर)। जिले में अपराध एवं गैंग गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “वज्रपात अभियान” के तहत जारी सूची इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। विभिन्न थानों में दर्ज शिकायतों, संदिग्ध गतिविधियों और सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री के आधार पर तैयार की गई इस सूची में कई नाम शामिल किए गए हैं।
इसी सूची में फरीदहा के प्रधानपति एवं समाजसेवी पिंटू यादव का नाम आने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
रक्तदान, एम्बुलेंस सेवा और जनसेवा से बनाई पहचान
पिंटू यादव लंबे समय से सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं। वे निःस्वार्थ रक्तदान, निःशुल्क शव यात्रा वाहन एवं एम्बुलेंस सेवा संचालित करने के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद के लिए भी जाने जाते हैं।
इसके अलावा बिहारीगंज क्षेत्र में राहगीरों के लिए वर्षों से निःशुल्क पेयजल व्यवस्था संचालित कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार जरूरतमंदों की सहायता के लिए वे हमेशा आगे रहते हैं, जिसके चलते उन्हें विभिन्न मंचों पर सम्मानित भी किया जा चुका है।
पुलिस ने सूची को लेकर दी सफाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सूची में शामिल कुछ लोगों के नाम अपराधियों से संपर्क, उनकी सहायता करने अथवा सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक एवं भड़काऊ पोस्ट प्रसारित करने जैसी गतिविधियों के आधार पर दर्ज किए गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, किसी व्यक्ति का नाम सूची में शामिल होने का अर्थ यह नहीं है कि वह अपराधी है, बल्कि उसकी कुछ गतिविधियां पुलिस के संज्ञान में आई हैं और उन पर निगरानी रखी जा रही है।
“मेरा किसी आपराधिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं” — पिंटू यादव
सूची में नाम आने के बाद पिंटू यादव ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा समाजहित और जनसेवा के कार्य किए हैं। उनका किसी भी आपराधिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकीं निगाहें
वज्रपात अभियान की सूची में नाम शामिल होने के बाद पिंटू यादव क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। अब स्थानीय लोगों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष पर टिकी हुई हैं।
