गाजीपुर
मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था और पहचान प्रणाली पर उठे सवाल
पत्रकारों ने सुरक्षा कर्मियों के पहचान पत्र एवं नेमप्लेट व्यवस्था की जांच की मांग उठाई
अस्पताल प्रशासन से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपील
गाजीपुर। महर्षि विश्वामित्र स्वायत्तशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, गाजीपुर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कुछ पत्रकारों एवं स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल परिसर में तैनात कुछ निजी सुरक्षा कर्मियों के पास ड्यूटी के दौरान स्पष्ट रूप से प्रदर्शित पहचान पत्र अथवा नेमप्लेट नहीं दिखाई दी, जिससे उनकी पहचान को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
सुरक्षा कर्मियों की पहचान को लेकर उठी मांग
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि किसी भी सार्वजनिक संस्थान में तैनात सुरक्षा कर्मियों की पहचान स्पष्ट होना आवश्यक है। उनका तर्क है कि इससे आम नागरिकों, मरीजों, तीमारदारों और मीडिया कर्मियों के साथ संवाद में पारदर्शिता बनी रहती है तथा किसी विवाद की स्थिति में जवाबदेही तय करना आसान होता है।
मीडिया कवरेज के दौरान हुई पूछताछ पर आपत्ति
कुछ पत्रकारों ने आरोप लगाया कि अस्पताल परिसर में रिपोर्टिंग के दौरान उनसे पहचान पत्र और अनुमति संबंधी जानकारी मांगी गई। इस पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सुरक्षा कर्मियों की पहचान भी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित होनी चाहिए।
हालांकि इस संबंध में अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
प्रशासन से जांच की मांग
मामले को लेकर पत्रकारों और स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी स्तर पर नियमों का पालन नहीं हो रहा है तो आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए।
अस्पताल प्रशासन से अपेक्षा
नागरिकों ने मांग की है कि मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा व्यवस्था, पहचान प्रणाली और जनसंपर्क व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाया जाए, ताकि मरीजों, तीमारदारों, मीडिया प्रतिनिधियों और अस्पताल प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी चिकित्सा संस्थानों में सुरक्षा और जवाबदेही दोनों का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है, जिससे आम जनता का विश्वास मजबूत हो।
