गाजीपुर
पॉक्सो एक्ट के प्रति जागरूकता ही बच्चों की सुरक्षा का मजबूत आधार
मुहम्मदाबाद, गाजीपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गाजीपुर के तत्वावधान में आइडियल पब्लिक स्कूल, मुहम्मदाबाद में बालकों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम-2012 (पॉक्सो एक्ट) को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि न्यायिक मजिस्ट्रेट हाजीक हुसैन अंसारी ने विद्यार्थियों को कानून के प्रावधानों और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी।
पॉक्सो कानून की दी जानकारी
कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की अंग्रेजी अध्यापिका पूनम ने किया। उन्होंने पॉक्सो अधिनियम के उद्देश्य और बच्चों को लैंगिक अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने में इसकी भूमिका के बारे में बताया। मुख्य अतिथि ने बताया कि पॉक्सो एक्ट 2012 में बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण देने के उद्देश्य से बनाया गया कानून है और 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को कानून के तहत बच्चा माना जाता है।

अनुचित व्यवहार को नजरअंदाज न करें
न्यायिक मजिस्ट्रेट ने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी भी प्रकार का अनुचित स्पर्श, यौन उत्पीड़न या बच्चे की गरिमा और सुरक्षा के खिलाफ होने वाले व्यवहार को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में बच्चे बिना डर के अपने माता-पिता, शिक्षक, पुलिस या किसी जिम्मेदार व्यक्ति को जानकारी दें।
शिकायत की सूचना देना जरूरी
उन्होंने बताया कि किसी व्यक्ति को बच्चे के साथ लैंगिक अपराध की जानकारी होने पर कानून के अनुसार संबंधित प्राधिकारी को सूचना देना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से घटनाओं को छिपाने के बजाय तत्काल जानकारी देने की अपील की। शिकायत करने वाले बच्चे की सुरक्षा और गोपनीयता के लिए कानूनी प्रावधान होने की भी जानकारी दी गई।
विशेष न्यायालयों की व्यवस्था
न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बताया कि पॉक्सो अधिनियम से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायालयों की व्यवस्था की गई है, ताकि बच्चों से संबंधित मामलों का संवेदनशील तरीके से निस्तारण किया जा सके।
जागरूकता और संवाद पर जोर
कार्यक्रम में बच्चों को जागरूक, सतर्क रहने और किसी भी घटना की समय पर सूचना देने का संदेश दिया गया। अभिभावकों और शिक्षकों से भी बच्चों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनने की अपील की गई।
विद्यालय प्रबंधन ने जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रबंध निदेशक बबलू ने मुख्य अतिथि, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
