वाराणसी
पुलिसिया दमन से सच नहीं दबेगा : राघवेंद्र चौबे
वाराणसी। ग्राम पंचायत कटरिया में हुए निशा विश्वकर्मा हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त करने और न्याय की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी का एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल रविवार को गाजीपुर जाने वाला था।
प्रतिनिधिमंडल में ओबीसी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अनिल जयहिंद, अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राजेन्द्र गौतम, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री अजय लल्लू, राज्यसभा सांसद कर्मवीर सिंह बौद्ध, राष्ट्रीय सचिव जिंतेंद्र बघेल, राष्ट्रीय सचिव श्रीमती सुभाषिनी यादव सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल थे। इन नेताओं को बाबतपुर हवाई अड्डे के भीतर रोककर गिरफ्तार कर लिया गया।
वहीं बाबतपुर एयरपोर्ट के पास से महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल और प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी प्रकोष्ठ मनोज यादव को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर सिंधौरा थाने भेज दिया। एयरपोर्ट से हिरासत में लिए गए वरिष्ठ नेताओं को बड़ागांव थाने लाया गया।कांग्रेस का आरोप है कि शनिवार रात से ही पुलिस प्रशासन ने पार्टी नेताओं को विभिन्न स्थानों पर उनके आवासों पर नजरबंद किया, रास्तों में रोका और बाबतपुर एयरपोर्ट पर भारी पुलिस बल तैनात कर गाजीपुर जाने से रोक दिया।
पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान और संविधान प्रदत्त अधिकारों पर सीधा हमला बताया।महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार से मिलना कोई अपराध नहीं है और यदि कोई जनप्रतिनिधि किसी पीड़ित परिवार का दुःख बांटना चाहता है, तो उसे रोकना सरकार की संवेदनहीनता और तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी के सांसद हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के मुखिया हैं, लेकिन उनके शासन में उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। बेटियां असुरक्षित हैं, अपराधी बेलगाम हैं और जब विपक्ष न्याय की मांग करता है तो उसे पुलिस के बल पर दबाने की कोशिश की जाती है।राघवेंद्र चौबे ने कहा कि पुलिसिया दमन से सच नहीं दबेगा।
निशा विश्वकर्मा को न्याय दिलाने की मांग और पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने की आवाज को रोका नहीं जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर “बेटी बचाओ” के नारे दिए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर बेटियों को न्याय दिलाने की मांग उठाने वालों को रास्ते में रोका जाता है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में लोकतंत्र नहीं, बल्कि दमनतंत्र चल रहा है।
विपक्षी नेताओं को नजरबंद करना, यात्राएं रोकना, एयरपोर्ट पर घेराबंदी करना, गिरफ्तारी करना और जनता की आवाज दबाना बताता है कि भाजपा सरकार नैतिक रूप से पूरी तरह विफल हो चुकी है।कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट किया कि चाहे जितनी बंदिशें लगाई जाएं, पीड़ितों की लड़ाई जारी रहेगी।
निशा विश्वकर्मा के परिवार को न्याय दिलाने, दोषियों को कड़ी सजा दिलाने और सरकार की तानाशाही के खिलाफ कांग्रेस सड़कों से सदन तक संघर्ष करती रहेगी।गिरफ्तार किए गए लोगों में फसाहत हुसैन, राजू राम, आशिष गुप्ता, सेतराम केशरी, शीतला पटेल, अविनाश राजभर, राम गणेश प्रजापति, परवेज खान, रोहित दुबे, राजू गौतम, लक्ष्मी नारायण यादव, राधेश्याम जायसवाल, सुरेंद्र, अविनाश समेत दर्जनों लोग शामिल रहे।
