गोरखपुर
पुराने रिकॉर्ड की बाध्यता खत्म, अब आसान होगा वोटर बनना
गोरखपुर में Form-6 से नया पंजीकरण कराने वालों को राहत, SIR के दौरान छूटे नाम जुड़वाने का मिलेगा मौका
गोरखपुर। मतदाता सूची में नया नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया को आसान बनाने के संबंध में निर्वाचन आयोग के नियमों में बदलाव की जानकारी सामने आई है। दिए गए विवरण के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पूरा हो चुके क्षेत्रों में Form-6 के साथ वर्ष 2003 की मतदाता सूची से जुड़ा अतिरिक्त घोषणा पत्र देने की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। इससे उन पात्र नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें पुराने पारिवारिक मतदाता रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में परेशानी हो रही थी।
2003 के रिकॉर्ड से जुड़ी बाध्यता में राहत
SIR प्रक्रिया के दौरान Form-6 के साथ आवेदकों से स्वयं या माता-पिता अथवा दादा-दादी के पुराने मतदाता रिकॉर्ड से संबंधित अतिरिक्त घोषणा मांगी जा रही थी। अब संबंधित क्षेत्रों में इस अतिरिक्त घोषणा की बाध्यता हटने से आवेदन प्रक्रिया सरल हो सकती है। हालांकि, मतदाता बनने के लिए भारतीय नागरिकता, निर्धारित आयु, सामान्य निवास और अन्य कानूनी पात्रताएं पूरी करना आवश्यक रहेगा।
गोरखपुर में लाखों मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए थे
उपलब्ध विवरण के मुताबिक, गोरखपुर में SIR के दौरान 6,45,634 मतदाताओं के नाम हटाए गए थे। मतदाताओं की संख्या 36,66,533 से घटकर 30,20,908 रह गई थी। जिले की अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित की गई थी। ऐसे पात्र नागरिक, जिनका नाम सूची में शामिल नहीं हो पाया है, निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोबारा आवेदन कर सकते हैं।
