गाजीपुर
पितृ विसर्जन पर पूर्वजों के प्रति दिखी श्रद्धा, तर्पण और दान-पुण्य किया
नंदगंज सहित आसपास के गांवों में पूजा-पाठ कर पितरों की आत्मा की शांति के लिए की प्रार्थना
नंदगंज, गाजीपुर। पितृ विसर्जन के अवसर पर शनिवार को नंदगंज सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धा और आस्था का माहौल रहा। लोगों ने नदी और तालाबों के किनारे पूर्वजों का स्मरण कर विधि-विधान से पूजा-पाठ और तर्पण किया। साथ ही जरूरतमंदों को दान देकर पितरों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
सुबह से घरों में शुरू हुई धार्मिक तैयारियां
पितृ विसर्जन के अवसर पर सुबह से ही घरों में धार्मिक तैयारियां शुरू हो गई थीं। परिवारों ने विभिन्न प्रकार के पकवान बनाकर परंपरा के अनुसार पूर्वजों के निमित्त अर्पित किए। लोगों ने परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। कई लोगों ने परंपरा के अनुसार मुंडन संस्कार भी कराया।
पितरों के स्मरण का विशेष महत्व
हिंदू धर्म में पितृ अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस अवसर पर पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए तर्पण, पूजा-पाठ और दान-पुण्य किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितरों का स्मरण पारिवारिक परंपराओं और संस्कारों से जुड़े रहने का प्रतीक है।
आसपास के गांवों में भी हुए धार्मिक अनुष्ठान
नंदगंज के अलावा बरहपुर, बेलसड़ी, बेलासी, पचारा और नैसारा सहित आसपास के गांवों में भी लोगों ने श्रद्धापूर्वक पितरों का स्मरण किया। दोपहर तक पूजा-पाठ और दान-पुण्य का सिलसिला चलता रहा। लोगों ने धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट की।
