गाजीपुर
पंचायत भवन निर्माण में फर्जी भुगतान का आरोप, प्रधान और सचिव पर लाखों रुपये के गबन की शिकायत
निर्माण सामग्री आपूर्ति करने वाली फर्म ने जांच प्रक्रिया पर उठाए सवाल
गाजीपुर। जमानियां ब्लॉक क्षेत्र के हेतिमपुर, मधुमालपुर, महली और बघरी ग्राम सभाओं में पंचायत भवन निर्माण कार्य के दौरान फर्जी भुगतान कर लाखों रुपये के गबन का मामला सामने आया है। निर्माण सामग्री आपूर्ति करने वाली फर्म ने ग्राम प्रधान और तत्कालीन सचिव पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

फर्म का दावा- सामग्री दी, भुगतान किसी और को कर दिया गया
शिकायतकर्ता के अनुसार, टीआरजी बिल्डिंग मैटेरियल फर्म द्वारा पंचायत भवन निर्माण के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई थी। आरोप है कि इसके बावजूद ग्राम प्रधान और सचिव ने कथित रूप से किसी अन्य स्थान पर भुगतान दर्शाकर सरकारी धन का आहरण कर लिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि मामले की जानकारी होने तक संबंधित सचिव का तबादला हो चुका था।
जिलाधिकारी से की गई थी शिकायत
पीड़ित पक्ष ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कराकर बकाया भुगतान दिलाने की मांग की थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर खंड विकास अधिकारी, जमानियां को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था।
जांच रिपोर्ट पर उठे सवाल
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जांच रिपोर्ट में कहा गया कि टीआरजी बिल्डिंग मैटेरियल फर्म से कोई सामग्री नहीं खरीदी गई और फर्म का अस्तित्व भी नहीं है। जबकि शिकायतकर्ता का दावा है कि फर्म के नाम से 1,47,629 रुपये का भुगतान दर्ज है।

‘मजदूरों और ठेकेदार से नहीं की गई पूछताछ’
पीड़ित पक्ष का कहना है कि जांच के दौरान निर्माण कार्य में लगे मिस्त्रियों, मजदूरों और ठेकेदार से कोई पूछताछ नहीं की गई। इतना ही नहीं, शिकायतकर्ता को भी जांच के दौरान अपना पक्ष रखने के लिए नहीं बुलाया गया।
अधिकारियों पर पक्षपात का आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जांच प्रक्रिया में निष्पक्षता नहीं बरती गई और संबंधित प्रधान तथा सचिव को बचाने का प्रयास किया गया। उनका कहना है कि यदि वास्तविक तथ्यों की जांच की जाए तो पूरे मामले का खुलासा हो सकता है।
एडीओ पंचायत ने दी सफाई
इस संबंध में एडीओ पंचायत, जमानियां का कहना है कि ग्राम प्रधान और सचिव द्वारा जो लिखित जानकारी उपलब्ध कराई गई, उसी के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।
निष्पक्ष जांच की मांग
मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने पुनः उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है, ताकि पंचायत भवन निर्माण में हुए कथित वित्तीय अनियमितताओं की सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो।
