गोरखपुर
नगर पंचायत गोला की गाड़ी से सरयू नदी में गिराई जा रही शौचालय की गंदगी
गोरखपुर। जनपद के दक्षिणांचल में स्थित नगर पंचायत गोला बाजार के वार्ड नंबर 18 में सरयू नदी के जल को प्रदूषित किए जाने का गंभीर प्रकरण सामने आया है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर पंचायत की शौचालय सफाई में प्रयुक्त वाहन से गंदगी को सीधे सरयू नदी में गिराया जा रहा है। यह कार्य खुलेआम किया जा रहा है, जिससे नदी की स्वच्छता और पवित्रता पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरा मामला नगर पंचायत प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की जानकारी में होने के बावजूद किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही। नागरिकों ने आरोप लगाया कि अधिशासी अधिकारी सहित जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर विषय पर आंख मूंदे बैठे हैं, जिससे प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्राप्त विवरण के अनुसार शासन की स्पष्ट मंशा है कि किसी भी कीमत पर नदियों के जल को दूषित न होने दिया जाय। इसके लिए शासन द्वारा अनेकों योजनाएं चलाई जा रही है।लेकिन शासन की मंशा को दर किनार करते हुए नगर पंचायत गोला द्वारा सरयू नदी में गंदगी गिराने का यह पहला मौका नहीं है। इससे पहले भी नदी में कूड़ा गिराने और उसमें आग लगाए जाने को लेकर स्थानीय नागरिकों ने विरोध दर्ज कराया था, लेकिन नगर पंचायत गोला के आला अधिकारी हर बार मौन साधे बने हुए है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का स्पष्ट आदेश हैं कि किसी भी नदी या जलस्रोत में ठोस कचरा, सीवेज या शौचालय की गंदगी डालना कानूनन अपराध है। नगर निकाय द्वारा इस प्रकार की गतिविधि किया जाना ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 और जल प्रदूषण निवारण अधिनियम 1974 का सीधा उल्लंघन माना जाता है। एनजीटी के इस एक्ट के तहत प्रदूषण फैलाने वाले विभाग या संस्था पर सफाई और पर्यावरणीय क्षति पर संबंधित नगर निकाय पर भारी जुर्माना लगाए जाने के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही भी तय की जाती है।
इस प्रकरण पर सरयू नदी में लगातार हो रहे प्रदूषण से क्षेत्रीय लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर पंचायत से तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो स्थानीय जनता का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ेगा। जवाबदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।
