वाराणसी
डीएम ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर शैक्षिक गतिविधियां बढ़ाने के दिए निर्देश
वाराणसी। प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की तर्ज पर अब आंगनबाड़ी केंद्रों के प्री-प्राइमरी स्तर के बच्चों का भी निपुण असेसमेंट कराया जाएगा। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित पोषण समिति की बैठक के दौरान डीएम ने निर्देश दिया कि पोषण के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की पढ़ाई पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने कहा कि यही बच्चे आगे चलकर प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा एक में प्रवेश लेते हैं, इसलिए इन्हें स्कूल रेडीनेश प्रोग्राम की तर्ज पर तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर शैक्षिक गतिविधियों का दैनिक कैलेंडर जारी किया जाए तथा उसकी नियमित मॉनीटरिंग सुनिश्चित की जाए। आवश्यकता पड़ने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण भी दिया जाए और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के तहत 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए निर्धारित निपुण लक्ष्य समयबद्ध तरीके से हासिल किए जाएं।
आंगनबाड़ी के बच्चों के लिए निपुण लक्ष्य के तहत आकृति एवं आकार (शेप एंड साइज) की जानकारी, रंगों की पहचान, हिंदी और अंग्रेजी वर्णमाला, 1 से 20 तक की गणना तथा बिना मात्रा वाले दो अक्षरों के कम से कम पांच शब्द पढ़ने का मानक तय किया गया है। डीएम ने सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिया कि मई महीने तक निर्धारित मानकों के आधार पर बच्चों का असेसमेंट पूरा कर लिया जाए। जो बच्चे तय मानक पूरे कर रहे हों, उनका प्राथमिक विद्यालय में दाखिला कराया जाए। वहीं, जो बच्चे पीछे हैं, उन पर विशेष ध्यान देते हुए दो महीने के भीतर उन्हें निपुण बनाया जाए। बच्चों को एक असेसमेंट कार्ड भी उपलब्ध कराया जाए, जिससे अभिभावकों को उनके बच्चों की प्रगति की जानकारी मिल सके।
जिला कार्यक्रम अधिकारी डीके सिंह ने समिति को जानकारी दी कि जनपद में संचालित 3914 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 5 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 26,664 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनका निपुण असेसमेंट कराया जाएगा। बैठक में जिलाधिकारी ने गंभीर कुपोषित बच्चों के साप्ताहिक फॉलोअप और उनके खान-पान पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए। बैठक में सीडीओ प्रखर कुमार सिंह और एसीएमओ डॉ. संजय राय मौजूद रहे।
