गाजीपुर
झोटना पावर हाउस की बदहाल व्यवस्था से उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश, घंटों कटौती के बीच अफसरों के फोन बंद
गाजीपुर (जयदेश)। भीषण गर्मी के बीच बिजली उपखंड झोटना पावर हाउस क्षेत्र में पिछले कई हफ्तों से जारी अनियमित और लंबी बिजली कटौती ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार हो रही कटौती से ग्रामीण उपभोक्ताओं, विद्यार्थियों, बुजुर्गों, महिलाओं तथा छोटे कारोबारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि जहां शासन ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे विद्युत आपूर्ति का दावा कर रहा है, वहीं झोटना फीडर पर दिन-रात घंटों बिजली गायब रहना आम बात बन गई है। उपभोक्ताओं का कहना है कि अन्य फीडरों पर ऐसी स्थिति नहीं है, लेकिन झोटना क्षेत्र के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली संकट ने लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। बच्चों की पढ़ाई और परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित हो रही है, वहीं रात भर बिजली न रहने से लोगों का आराम और स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है। झोटना सब स्टेशन से जुड़े प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हथियाराम सिद्ध पीठ आने वाले श्रद्धालुओं को भी बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है।
आरोप यह भी है कि जब उपभोक्ता शिकायत के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास करते हैं तो जिम्मेदार इंजीनियर का मोबाइल स्विच ऑफ मिलता है। इतना ही नहीं, सादात के एसडीओ को कई बार फोन करने के बावजूद कॉल रिसीव नहीं की जाती, जबकि स्थानीय लाइनमैन भी अपने मोबाइल बंद कर लेते हैं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति एक-दो दिन नहीं बल्कि कई दिनों से लगातार बनी हुई है।
स्थानीय नागरिकों ने नवागत जिलाधिकारी से मामले का संज्ञान लेते हुए बिजली विभाग के निष्क्रिय अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी में विद्युत व्यवस्था दुरुस्त कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो सके। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो जन आंदोलन भी किया जा सकता है।
