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गाजीपुर

ग्राम सभा बघांव में चकबंदी प्रक्रिया के निस्तारण को लेकर बैठक संपन्न

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किसानों की आपत्तियों और चकों की खामियों के समाधान पर हुई चर्चा

गाजीपुर। बहरियाबाद क्षेत्र के ग्राम सभा बघांव में लंबित चकबंदी प्रक्रिया के निस्तारण को लेकर प्राथमिक विद्यालय परिसर में बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों के चकों में पाई गई खामियों और आपत्तियों के समाधान पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

चकबंदी अधिकारियों की मौजूदगी में हुई सुनवाई

बैठक में शरद कुमार सिंह, कमलेश राय, कानूनगो के.के. भारती, चकबंदी लेखपाल इमरान खान, पेशकार अरविंद सिंह तथा ग्राम प्रधान प्रतिनिधि उदयभान (पूर्व सैनिक) मौजूद रहे। अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं सुनीं और अधिकांश मामलों के निस्तारण की दिशा में कार्रवाई की।

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पांच दशक बाद भी अधूरी है चकबंदी प्रक्रिया

ग्रामीणों के अनुसार ग्राम सभा बघांव में चकबंदी की प्रक्रिया लगभग पांच दशकों से लंबित है। पूर्व में कई ग्राम प्रधानों द्वारा प्रयास किए गए, लेकिन चकबंदी कार्य पूर्ण नहीं हो सका। वर्तमान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि उदयभान के प्रयासों से प्रक्रिया में तेजी आई है।

चकबंदी अधिकारी की भूमिका अहम

अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश जोत चकबंदी अधिनियम, 1953 की धारा 20 के तहत प्रारंभिक चक प्रस्ताव प्रकाशित होने के बाद असंतुष्ट खातेदार धारा 21(1) के अंतर्गत आपत्तियां दर्ज कराते हैं। इन आपत्तियों का निस्तारण चकबंदी अधिकारी द्वारा किया जाता है।

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स्थलीय सत्यापन और सुनवाई के बाद होगा निर्णय

चकबंदी अधिकारी द्वारा पक्षकारों की दलीलें सुनने, राजस्व अभिलेखों का परीक्षण करने और आवश्यक होने पर स्थलीय निरीक्षण के आधार पर निर्णय लिया जाता है। इसका उद्देश्य किसानों के बीच विवादों को समाप्त कर न्यायसंगत और संतुलित चक आवंटन सुनिश्चित करना है।

ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण है चकबंदी

अधिकारियों ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी चकबंदी से किसानों के बीच विवाद कम होते हैं, कृषि उत्पादन बढ़ता है और ग्रामीण विकास को गति मिलती है। यही कारण है कि चकबंदी प्रक्रिया में चकबंदी अधिकारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

7 जून को निरीक्षण, 10 जून को होगी सुनवाई

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बैठक के अंत में चकबंदी अधिकारी ने निर्देश दिया कि किसानों के चकों का स्थलीय निरीक्षण 7 जून को किया जाएगा, जबकि प्राप्त आपत्तियों की सुनवाई 10 जून को निर्धारित की गई है।

सैकड़ों ग्रामीण रहे उपस्थित

बैठक में पूर्व ग्राम प्रधान हीरा सिंह यादव सहित क्षेत्र के अनेक किसान और ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने चकबंदी प्रक्रिया को शीघ्र एवं निष्पक्ष तरीके से पूरा कराने की मांग की।

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