गोरखपुर
गोरखपुर को मिल सकती हैं 150 नई एसी इलेक्ट्रिक बसें, 8 एकड़ जमीन की तलाश तेज
100 बसों के लिए 5 और 50 बसों के लिए 3 एकड़ जमीन की जरूरत; चार्जिंग स्टेशन, पार्किंग और रखरखाव की सुविधाएं विकसित करने की तैयारी
गोरखपुर, जयदेश। शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में 150 नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना पर काम हो रहा है। इन बसों के संचालन के लिए चार्जिंग स्टेशन और डिपो की व्यवस्था सबसे अहम होगी। इसी को देखते हुए अधिकारियों ने करीब आठ एकड़ जमीन की तलाश तेज कर दी है। हालांकि, योजना की स्वीकृति, जमीन के अंतिम चयन और बसों के संचालन की समयसीमा को लेकर संबंधित विभाग की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
यदि योजना धरातल पर उतरती है तो शहरवासियों को सार्वजनिक परिवहन का एक और आधुनिक विकल्प मिल सकता है। इससे कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों, कारोबारियों और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
मौजूदा चार्जिंग व्यवस्था पर बढ़ेगा दबाव
गोरखपुर में वर्तमान में 25 इलेक्ट्रिक बसें संचालित होने की जानकारी है। इन बसों के लिए महेसरा डिपो में चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध है। प्रस्तावित 150 नई बसों के संचालन के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की जरूरत होगी। बसों की पार्किंग, चार्जिंग, रखरखाव और संचालन को ध्यान में रखते हुए नए डिपो के लिए जमीन तलाशी जा रही है।
कोनी और हरसेवकपुर में जमीन के विकल्प
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, 100 बसों के लिए लगभग पांच एकड़ और 50 बसों के लिए करीब तीन एकड़ जमीन की जरूरत बताई गई है। इस तरह कुल आठ एकड़ क्षेत्र में चार्जिंग स्टेशन और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
इससे पहले कोनी और बसंतपुर खास में उपलब्ध जमीन के विकल्पों पर विचार किया गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से उन्हें अनुपयुक्त माना गया। इसके बाद नए स्थानों की तलाश शुरू हुई। जगदीशपुर के पास कोनी क्षेत्र में जमीन का सर्वे किए जाने और पादरीबाजार के हरसेवकपुर में नगर निगम की जमीन का निरीक्षण किए जाने की जानकारी सामने आई है। अब जमीन का अंतिम चयन और आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
यात्रियों को मिल सकता है फायदा
नई एसी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू होने पर यात्रियों को आरामदायक सफर का विकल्प मिलेगा। इलेक्ट्रिक बसें चलने के दौरान सीधे धुएं का उत्सर्जन नहीं करतीं, जिससे स्थानीय वायु प्रदूषण कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, पर्यावरण पर इनका कुल प्रभाव बिजली उत्पादन और संचालन व्यवस्था पर भी निर्भर करेगा।
बसों के रूट, किराये, समय-सारिणी और सेवा शुरू होने की तारीख के बारे में अभी संबंधित विभाग की आधिकारिक जानकारी का इंतजार रहेगा।
प्रदेश में 1,725 बसों की योजना
राज्य स्तर पर उत्तर प्रदेश के 18 शहरों में कुल 1,725 एसी इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना को कैबिनेट की मंजूरी मिलने की जानकारी दी गई है। इसमें गोरखपुर के लिए 150 बसों का प्रावधान बताया जा रहा है।
गोरखपुर में योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए जमीन का चयन, चार्जिंग डिपो का निर्माण और रखरखाव की सुविधाएं तैयार करना जरूरी होगा। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही बसों के संचालन की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल शहरवासियों की नजर इस योजना की प्रगति और नई बसों की सुविधा शुरू होने पर टिकी है।
