गोरखपुर
गोरक्षनाथ सनातन संघ ने सबरीमाला प्रकरण में रखा सशक्त पक्ष, सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय रखा सुरक्षित : राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद त्रिपाठी
गोरखपुर (जयदेश)। गोरक्षनाथ सनातन संघ के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी पंडित संतोष मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय में बहुचर्चित सबरीमाला मंदिर प्रकरण की सुनवाई संविधान पीठ के समक्ष पूर्ण हो चुकी है तथा न्यायालय ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है। इस महत्वपूर्ण एवं सनातन आस्था से जुड़े प्रकरण में संगठन की ओर से भी प्रभावशाली ढंग से पक्ष रखा गया।
संघ की ओर से अधिवक्ता आशीष कुमार राय ने संविधान पीठ के समक्ष पैरवी करते हुए सनातन परंपराओं, धार्मिक मान्यताओं एवं भारतीय मंदिर व्यवस्था की विशिष्ट परंपराओं को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने न्यायालय के समक्ष कहा कि भारत की प्राचीन धार्मिक परंपराएं एवं मंदिरों की स्वायत्त व्यवस्थाएं संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता एवं आस्था के अधिकार का अभिन्न हिस्सा हैं, जिनका संरक्षण राष्ट्रहित एवं संस्कृति संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक है।
सुनवाई पूर्ण होने के पश्चात राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद कुमार त्रिपाठी ने अधिवक्ता दल एवं सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गोरक्षनाथ सनातन संघ सनातन धर्म, धार्मिक परंपराओं एवं मंदिरों की गरिमा की रक्षा हेतु निरंतर संघर्षरत रहेगा। उन्होंने कहा कि देश की आस्था और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए संगठन भविष्य में भी हर संवैधानिक एवं वैचारिक लड़ाई मजबूती से लड़ता रहेगा।
राष्ट्रीय संयोजक ओमकार सिंह ने कहा कि संगठन को पूर्ण विश्वास है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय संविधान, धार्मिक स्वतंत्रता एवं करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की आस्था के संतुलन को ध्यान में रखते हुए न्यायपूर्ण निर्णय प्रदान करेगा।
इस अवसर पर संगठन के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं सनातन धर्म से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित रहे तथा सभी ने न्यायालय की प्रक्रिया पर विश्वास व्यक्त करते हुए सनातन परंपराओं की रक्षा के लिए एकजुट रहने का संकल्प लिया।
