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वाराणसी

काशी के छह जीआई क्राफ्ट से पीएम मोदी का अभिनंदन

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वाराणसी। नारी वंदन सम्मेलन के अवसर पर काशी की समृद्ध शिल्प परंपरा का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला, जहां छह जीआई पंजीकृत हस्तशिल्पों के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन और स्वागत किया गया। एक ही मंच से इतने जीआई क्राफ्ट समर्पित किए जाने का यह पहला अवसर माना जा रहा है, जिसे ‘ब्रांड बनारस’ की विशिष्ट पहचान के रूप में देखा जा रहा है।

जीआई मैन ऑफ इंडिया के रूप में प्रसिद्ध पद्मश्री डॉ. रजनीकांत के मार्गदर्शन में इन विशेष शिल्पों का चयन कर शासन को प्रेषित किया गया। उनके अनुसार, काष्ठ कला के माध्यम से नए संसद भवन के लोकसभा कक्ष के आंतरिक दृश्य का सूक्ष्म चित्रण पहली बार प्रस्तुत किया गया है। इस कलाकृति को बनारस के खोजवा निवासी रामखेलावन सिंह के पौत्र, नेशनल मेरिट अवॉर्डी रामेश्वर सिंह के पुत्र युवा शिल्पी राजकुमार ने संजय प्रजापति और सनोज पेंटर के सहयोग से एक सप्ताह की मेहनत में 24 इंच आकार में तैयार किया। इसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संदर्भ में महिलाओं को समर्पित करते हुए प्रस्तुत किया गया।

इसके अतिरिक्त पेपर मैश क्राफ्ट से निर्मित मां दुर्गा का भव्य मुखौटा भी आकर्षण का केंद्र रहा, जिसे बनारस की पहचान के रूप में प्रस्तुत किया गया। वहीं रामनगर निवासी स्टेट अवॉर्डी बच्चा लाल मौर्या द्वारा तैयार 14 इंच ऊंचाई वाले ‘मोर के अंदर मोर’ की अद्वितीय कलाकृति, जो बनारस सॉफ्ट स्टोन जाली क्राफ्ट की पहचान है, भी भेंट की गई।

कार्यक्रम में काष्ठ कला से निर्मित पंचमुखी गणेश जी की प्रतिमा, बनारसी जरदोजी के जरिए तैयार नए संसद भवन का फ्रेमयुक्त चित्र तथा नमो घाट के प्रतीक चिन्ह को भी पूरी भव्यता के साथ प्रस्तुत किया गया। इस प्रकार एक ही मंच पर एक साथ छह जीआई क्राफ्ट भेंट कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया।

इस अवसर पर अनिल कसेरा, अरुण कुमार, संतारा पटेल, पूनम देवी, दिनेश कुमार, अवधेश सिंह, शादाब सहित अनेक शिल्पियों और बुनकरों ने हर्ष व्यक्त करते हुए इसे काशी की सांस्कृतिक और शिल्प विरासत के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।

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