Connect with us

गोरखपुर

अवैध हिरासत पर हाईकोर्ट सख्त, यूपी सरकार देगी मुआवजा

Published

on

Loading...
Loading...

देवरिया के चार लोगों को थाने में बैठाने का मामला, दोषी पुलिसकर्मियों के वेतन से होगी वसूली

प्रयागराज/देवरिया (जयदेश)। देवरिया के गौरीबाजार थाने में चार लोगों को कथित रूप से अवैध हिरासत में रखने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को मुआवजा देने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र सामंत की खंडपीठ ने तीन पीड़ितों को 20-20 हजार रुपये और एक अन्य पीड़ित को पांच हजार रुपये देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि मुआवजे की राशि दोषी पुलिसकर्मियों के वेतन से वसूल की जाएगी।

मामले के अनुसार, हत्या के एक प्रकरण की जांच के दौरान महेंद्र गौड़ को दो दिन और तीन अन्य लोगों को 13 से 23 अप्रैल तक थाने में रखा गया था। याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि उन्हें मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश नहीं किया गया और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ।

सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से पूछताछ के लिए बुलाने और बाद में छोड़ने की बात कही गई। हालांकि, कोर्ट के सामने जनरल डायरी में संबंधित प्रविष्टि और सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके।

हाईकोर्ट ने तत्कालीन थाना प्रभारी डॉ. महेंद्र कुमार के आचरण पर नाराजगी जताते हुए इसे उनकी सर्विस बुक में दर्ज करने का निर्देश दिया। अदालत ने थानों में हिरासत और रिहाई से संबंधित रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने तथा नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने पर जोर दिया।

Advertisement

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page