गाजीपुर
अखण्ड हरिकीर्तन से भक्तिमय हुआ शिवदत्त ब्रह्म बाबा परिसर
भजन-कीर्तन में झूमे श्रद्धालु, विशाल भंडारे में हजारों भक्तों ने ग्रहण किया प्रसाद
मुहम्मदाबाद (गाजीपुर)। ग्राम बलुआ टप्पा कठउत (हरिहरपुर) स्थित शिवदत्त ब्रह्म बाबा के पावन परिसर में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी अखण्ड हरिकीर्तन का आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया गया। हरिकीर्तन के दौरान पूरा परिसर हरिनाम संकीर्तन और भक्ति गीतों से गूंज उठा।
गोलू सिंह और टीम ने किया हरिकीर्तन का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्र के प्रतिष्ठित कीर्तन गायक गोलू सिंह और उनके सहयोगियों द्वारा किया गया। कीर्तन शुरू होते ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ परिसर में जुटने लगी और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

विभिन्न क्षेत्रों की कीर्तन मंडलियों ने बांधा समां
अखण्ड हरिकीर्तन को भव्य बनाने में विभिन्न क्षेत्रों से आई कीर्तन मंडलियों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लक्ष्मणपुर (नरही) के सोनू, बनारपुर (बक्सर) के चंदन राजा, हरिबल्लमपुर के जिऊत सिंह यादव सहित मसवनी, नारायणापुर, बच्छलपुर और बलुआ की हरिकीर्तन टीमों ने मनमोहक प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
हरिनाम संकीर्तन से गूंजता रहा बाबा का परिसर
आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक आयोजन में शामिल हुए। लोगों ने भजन-कीर्तन में भाग लेकर भगवान का स्मरण किया और देर तक हरिनाम संकीर्तन का आनंद लिया। पूरे आयोजन के दौरान परिसर में श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा का माहौल बना रहा।

विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
अखण्ड हरिकीर्तन के अवसर पर सायंकाल विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। गांव के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजकों और सहयोगियों ने प्रसाद वितरण सहित अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित किया।
आयोजन को सफल बनाने में इनका रहा योगदान
कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में शंकर चौधरी, जवाहिर चौधरी, संदीप चौधरी, रामनिवास, बल्ली यादव, सर्वेश यादव, मनोज चौधरी, जितेंद्र यादव, लक्ष्मण यादव, प्यारे लाल यादव, लल्लन चौधरी, शिवमूरत चौधरी, बच्चा यादव, राजू यादव, हिरदू यादव, मिठाई लाल चौधरी, कमलेश चौधरी, महेंद्र चौधरी और हरिचन्द्र यादव का सराहनीय योगदान रहा।
धार्मिक आयोजन से मजबूत होता है भाईचारा
आयोजकों ने कहा कि इस तरह के धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन क्षेत्र में आपसी भाईचारा, सद्भाव और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के समापन तक शिवदत्त ब्रह्म बाबा का परिसर जयघोष और हरिनाम संकीर्तन से गुंजायमान रहा।
