गोरखपुर
ऑटो-ई-रिक्शा पर यूनिक कोड, सामान छूटने पर आसानी से मिलेगी गाड़ी
गोरखपुर कैंट पुलिस की पहल, चालकों का सत्यापन कर दर्ज किया जा रहा पूरा ब्योरा
गोरखपुर। रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए गोरखपुर कैंट पुलिस ने ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के सत्यापन का विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत स्टेशन क्षेत्र में चलने वाले वाहनों को यूनिक कोड दिया जा रहा है, जिससे जरूरत पड़ने पर वाहन और उसके चालक की पहचान आसानी से की जा सकेगी।
अक्सर ट्रेन या बस पकड़ने की जल्दबाजी में यात्री अपना मोबाइल, बैग और अन्य कीमती सामान ऑटो या ई-रिक्शा में भूल जाते हैं। ऐसी स्थिति में वाहन का नंबर याद नहीं रहने पर सामान वापस पाना मुश्किल हो जाता है। इसी समस्या को देखते हुए रेलवे चौकी प्रभारी रवि प्रकाश कुंवर की निगरानी में यह अभियान चलाया जा रहा है।
हर वाहन की होगी अलग पहचान
अभियान के तहत ऑटो और ई-रिक्शा पर आर-01, आर-02 जैसे यूनिक कोड अंकित किए जा रहे हैं। यहां ‘आर’ का अर्थ रेलवे बताया गया है। साथ ही चालकों का नाम, पता, मोबाइल नंबर और पहचान संबंधी विवरण पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज किया जा रहा है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित वाहन की पहचान की जा सके।
सामान छूटने पर पुलिस करेगी मदद
यदि किसी यात्री का सामान ऑटो या ई-रिक्शा में छूट जाता है और उसे वाहन का यूनिक कोड याद है, तो वह पुलिस को इसकी जानकारी दे सकता है। पुलिस अपने रिकॉर्ड के माध्यम से संबंधित वाहन और चालक की पहचान करने में मदद कर सकेगी। इससे यात्रियों का खोया सामान वापस दिलाने की प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है।
अपराध नियंत्रण में भी मिलेगी मदद
वाहनों की पहचान और चालकों के सत्यापन से स्टेशन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में भी सहायता मिल सकती है। किसी संदिग्ध गतिविधि या आपराधिक घटना की जांच के दौरान पुलिस रिकॉर्ड के जरिए संबंधित वाहन की पहचान करने में मदद मिलेगी।
रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस स्टेशन पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है। ऐसे में ऑटो और ई-रिक्शा की पहचान सुनिश्चित करना तथा चालकों का विवरण दर्ज करना सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल से यात्रियों को सामान छूटने की स्थिति में राहत मिलने के साथ ही पुलिस को जांच में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
