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सुनील भारती मित्तल को मिलेगा फ्रांस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान
‘लेज्यॉं द’ऑनर’ के नाइट की उपाधि से होंगे सम्मानित, भारत-फ्रांस के आर्थिक और तकनीकी संबंधों को मजबूत करने में योगदान की सराहना
नई दिल्ली। भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक एवं अध्यक्ष सुनील भारती मित्तल को फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘लेज्यॉं द’ऑनर’ के नाइट की उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। फ्रांसीसी गणराज्य के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने उनके नाम की घोषणा की है। यह सम्मान भारत और फ्रांस के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने तथा दूरसंचार एवं डिजिटल अवसंरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जा रहा है।
नेपोलियन बोनापार्ट ने वर्ष 1802 में ‘लेज्यॉं द’ऑनर’ की स्थापना की थी। यह फ्रांस के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मानों में शामिल है। मित्तल को यह सम्मान 28 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित फ्रांसीसी दूतावास में आयोजित विशेष समारोह में प्रदान किया जाएगा।
तीन दशक से अधिक पुराने हैं फ्रांस से संबंध
भारत में फ्रांस के राजदूत थिएरी मातू ने कहा कि सुनील भारती मित्तल तीन दशक से अधिक समय से फ्रांस के मित्र रहे हैं। वर्ष 1992 में एयरटेल के शुरुआती दौर से ही उन्होंने दोनों देशों के कारोबारी संबंधों को मजबूत करने में योगदान दिया है। आज यूटेलसैट के उपाध्यक्ष के रूप में भी वह भारत और फ्रांस के बीच अंतरिक्ष एवं डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ा रहे हैं।
राजदूत ने कहा कि यह सम्मान ऐसे कारोबारी नेता को दिया जा रहा है, जिन्होंने भारत में फ्रांस को एक विश्वसनीय और दीर्घकालिक साझेदार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सम्मान मिलने पर मित्तल ने जताया आभार
सुनील भारती मित्तल ने इस सम्मान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए फ्रांसीसी गणराज्य के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि फ्रांस के साथ उनका जुड़ाव वर्ष 1992 में एयरटेल की स्थापना के समय शुरू हुआ था। उस दौरान फ्रांसीसी कंपनी कॉम्पान्यी जेनेराल दे ज़ो ने भारत में मोबाइल दूरसंचार सेवाएं शुरू करने के लिए भारती के साथ साझेदारी की थी।
उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए वह अपनी प्रतिबद्धता जारी रखेंगे।
पहले भी मिल चुके हैं बड़े सम्मान
सुनील भारती मित्तल को वर्ष 2007 में भारत के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। वर्ष 2024 में उन्हें ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय की ओर से ‘मोस्ट एक्सीलेंट ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर’ के नाइट कमांडर की उपाधि भी प्रदान की गई थी। अब फ्रांस का यह सम्मान उनकी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों और भारत-फ्रांस संबंधों में योगदान को एक और महत्वपूर्ण पहचान देगा।
