वाराणसी
उत्तर भारत में शीतलहर का कहर, वाराणसी में ठंड से लोग बेहाल
उत्तर भारत में ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी है। वाराणसी में सोमवार को मौसम में मामूली बदलाव देखा गया, लेकिन ठंड से राहत नहीं मिली। न्यूनतम तापमान में 4.7 डिग्री की बढ़त के बावजूद गलन ने लोगों को दिनभर परेशान रखा। मंगलवार की दोपहर तक धूप न निकलने से लोगों को ठंड से ठिठुरते हुए देखा गया। वहीं शहर के ज्यादातर चाय की दुकानों पर काफी भीड़ देखी गई। भीषण ठंड के बावजूद मंगलवार को काशीवासियों ने नौकायन का लुफ्त उठाया।
पछुआ हवाओं ने बढ़ायी ठिठुरन
सोमवार शाम होते ही पछुआ हवाओं के कारण ठिठुरन और बढ़ गई। घरों के अंदर भी लोग ठंड से कांपते रहे। मंगलवार सुबह घने कोहरे और सर्द हवाओं ने वाराणसी समेत आसपास के इलाकों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया।
दिन का तापमान बढ़ा, पर ठंड कायम
बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 3.1 डिग्री की बढ़त दर्ज की गई। रविवार को जहां अधिकतम तापमान 14.4 डिग्री था, वहीं सोमवार को यह 17.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। न्यूनतम तापमान भी 6.5 डिग्री से बढ़कर 11.2 डिग्री हो गया। इसके बावजूद तेज हवाओं और वातावरण में अधिक नमी के चलते ठंड बरकरार रही।

कोहरे और बर्फबारी का असर
सोमवार को सुबह 11 बजे तक शहर और ग्रामीण इलाकों में घना कोहरा छाया रहा। पहाड़ों पर हो रही लगातार बर्फबारी के चलते मैदानी इलाकों में ठंड का असर और तेज हो गया है। दिनभर आसमान साफ रहने के बावजूद ठिठुरन से राहत नहीं मिली।
बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. राजीव भाटला के अनुसार, अगले दो-तीन दिनों तक वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में कोहरे और सर्द हवाओं का सिलसिला जारी रहेगा। 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं के कारण नमी का स्तर अधिक बना हुआ है, जिससे ठंड और बढ़ने की संभावना है।
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें। स्कूलों और कार्यालयों में भी कक्षाएं और कामकाज प्रभावित हो सकता है। ठंड और शीतलहर का यह दौर फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा।
