अपराध
संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान बवाल, तीन की मौत, कई घायल
सियासी बयानबाजी तेज
संभल जिले में शाही जामा मस्जिद में रविवार को कोर्ट के आदेश पर चल रहे सर्वे के दौरान भारी हंगामा और हिंसा भड़क उठी। पथराव और आगजनी की घटनाओं में तीन लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई पुलिसकर्मी और आम नागरिक घायल हुए हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है, लेकिन हालात अब काबू में बताए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, सुबह साढ़े सात बजे एडवोकेट कमिश्नर की अगुवाई में सर्वे टीम मस्जिद पहुंची थी। इस दौरान मस्जिद के बाहर भीड़ जमा हो गई और सर्वे का विरोध शुरू कर दिया। विरोध बढ़ते-बढ़ते हिंसक रूप ले लिया। भीड़ ने पत्थरबाजी करते हुए उपनिरीक्षकों की गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। घटनास्थल पर भारी मात्रा में पत्थर और जली हुई गाड़ियां देखी गईं।
एसपी संभल ने घटना में दो लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि स्थानीय सूत्रों के अनुसार मरने वालों की संख्या तीन है। हालांकि, मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

सियासी बयानबाजी तेज
घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार की सोची-समझी साजिश है। पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने उपद्रवियों की पत्थरबाजी को जायज ठहराते हुए कहा कि पुलिस की कार्रवाई का यह नतीजा है।
वहीं, हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि एएसआई को तुरंत मस्जिद को अपने नियंत्रण में लेना चाहिए, ताकि वहां से मंदिर होने के साक्ष्य मिटाए न जा सकें। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बयान दिया कि मस्जिद की जगह मंदिर बनना चाहिए।
सर्वे पर विवाद
जामा मस्जिद को लेकर कोर्ट में विवाद चल रहा है। हिंदू पक्ष का दावा है कि यह हरिहर मंदिर था, जिसे तोड़कर मस्जिद बनाई गई। कोर्ट के आदेश पर सर्वे कराया जा रहा था, जिसे लेकर हिंसा भड़की।
सरकार का सख्त रुख
घटना के बाद उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि हिंसा में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस ने कई उपद्रवियों को हिरासत में लिया है। फिलहाल, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति नियंत्रण में है।
