अपराध
दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का कारावास
जौनपुर। जनपद के चंदवक निवासी नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने के दोषी पंकज मौर्या को अपर सत्र न्यायाधीश उमेश कुमार द्वितीय ने 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। सजा सुनाने के साथ-साथ न्यायाधीश ने आरोपी के ऊपर एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड की धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने 11 अक्टूबर 2021 को पुलिस अधीक्षक को तहरीर देकर कहा था कि वह अनुसूचित जाति की नाबालिग लड़की है। उसके पिता की कापी-किताब की दुकान है। चंदवक के बजरंग नगर का रहने वाला पंकज मौर्या से दुकान पर आने-जाने के कारण पहचान हो गई। घटना के दो साल पहले उसने पीड़िता को शादी का झांसा दिया।
दूसरी लड़की के नाम पर उसका फर्जी आधार कार्ड बनवाया और 19 साल की उम्र दिखाकर बनारस के होटल में कई बार ले जाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया। इस दौरान आरोपी ने धोखे से उसकी कई अश्लील फोटो और वीडियो भी बना ली। किशोरी गर्भवती हो गई। जब उसने यह बात उसे बताई तो आरोपी ने दवा पिलाकर गर्भपात करा दिया। जब उससे शादी की बात की तो उसने इनकार कर दिया। आरोपी युवक और उसके परिवार वालों ने जातिसूचक शब्दों से उसे अपमानित किया।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर दुराचार, गर्भपात, धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में 13 अक्टूबर 2021 को एफआईआर दर्ज कराई गई। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल और बयान दर्ज कराया। 28 फरवरी 2021 को पीड़िता को जानकारी मिली कि पंकज की नौकरी सेना में लग गई है और उसकी कहीं और शादी भी हो गई है। जब उसने विरोध किया तो आरोपी पंकज ने उसका मोबाइल तोड़कर फेंक दिया। कोर्ट में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने पंकज मौर्या को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास और 1 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
