वाराणसी
गंगा घाटों पर नगर निगम की सफाई व्यवस्था फेल, छठ महापर्व पर श्रद्धालुओं को होगी परेशानी
वाराणसी। तीन दिन बाद (7 नवंबर) को छठ महापर्व में लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब वाराणसी के गंगा घाटों पर उमड़ेगा। पर नगर निगम की ढिलाई के चलते घाटों पर जमा सिल्ट और अन्य समस्याओं के कारण श्रद्धालुओं को इस बार भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। नगर निगम ने 31 अक्टूबर तक सिल्ट हटाने का वादा किया था, लेकिन अब तक केवल 60 प्रतिशत काम ही हो पाया है।
सीवेज लीक से घाटों पर गंदगी
गंगा घाटों पर सिल्ट जमने के कारण 15 से अधिक घाटों पर सीवेज लीक होने लगा है, जिससे गंदा पानी सीधे गंगा नदी में जा रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कई बार नगर निगम से शिकायत की, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। घाटों पर जलभराव और गंदगी के साथ-साथ स्ट्रीट लाइट्स भी बंद पड़ी हैं, जिससे शाम के समय घाटों पर पर्यटकों और श्रद्धालुओं को काफी दिक्कत हो रही है।

आरती समितियां खुद करा रही हैं घाटों की सफाई
नगर निगम के दावों के विपरीत, अस्सी, दशाश्वमेध, तुलसी, पंचगंगा और अन्य कई घाटों की सफाई स्थानीय आरती समितियां अपने निजी संसाधनों से करा रही हैं। स्थानीय निवासी अनुराग के अनुसार, “हमने मिलकर घाट की सफाई की है। अगर नगर निगम ने समय रहते पंप लगाए होते, तो सभी घाट अब तक साफ हो चुके होते।”

रविदास से अस्सी घाट तक सिल्ट का जमाव
पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था के अंतर्गत तुलसी घाट से अस्सी घाट तक अस्थायी रास्ता बनाया जाता है, जो छठ महापर्व और देव दीपावली पर उपयोग में आता है। लेकिन अब तक इस मार्ग पर सिल्ट की सफाई नहीं की गई है। निगम ने केवल अस्सी घाट के सामने सिल्ट हटाने का काम किया है, जो अधूरा है।
निरीक्षण के दौरान मिली खामियां
अपर नगर आयुक्त दुष्यंत कुमार मौर्या ने शिवाला, अस्सी, महानिर्वाणी, दशाश्वमेध घाटों का निरीक्षण कर सफाई, स्ट्रीट लाइट और सीवेज प्रबंधन में सुधार के निर्देश दिए हैं। मुख्य अभियंता मोइनुद्दीन को पूजा वाले घाटों की जल्द सफाई का जिम्मा सौंपा गया है।
