वाराणसी
काशी के फूलों से महकेगा महाकुंभ, नर्सरी वालों को मिला आर्डर
वाराणसी। प्रयागराज में अगले साल होने वाले महाकुंभ की तैयारियां जोरों पर हैं। काशी में फूलों की खेती करने वाले बड़े किसानों को महाकुंभ की सजावट के लिए बड़े ऑर्डर मिले हैं। पूरे शहर को विभिन्न प्रकार के सुगंधित फूलों से सजाया जाएगा जिससे कुंभनगरी की महक और भी बढ़ जाएगी।
इसके लिए नर्सरियों को 15 लाख से अधिक फूल और सजावटी पौधे तैयार करने के आदेश मिले हैं। कुंभ क्षेत्र, पार्क, सड़कें, चौराहे, एयरपोर्ट और हाईकोर्ट समेत कई स्थानों को इन पौधों से सजाया जा रहा है। काशी की नर्सरियों से प्रयागराज के साथ-साथ अन्य शहरों के लिए भी फूलों और सजावटी पौधों की मांग में बढ़ोतरी हुई है।
नर्सरी संचालक दिनेश कुमार मौर्या और संतोष का कहना है कि महाकुंभ मेले के लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं जिसमें फिलहाल पार्क, डिवाइडर, एयरपोर्ट जैसे स्थानों पर सजावट की जा रही है। मेला क्षेत्र में फूलों के गमले 15 नवंबर से रखे जाएंगे, और दिसंबर से मार्च तक यहां फूलों की सुंदरता बरकरार रहेगी।
मेले के बाद ये गमले विभिन्न विभागों में भेज दिए जाएंगे।महाकुंभ के लिए गुलाब, कामीनी, चांदनी, गुलदावदी, डहेलिया, मेरीगोल्ड, नेरियम, गेंदा, पंजीम हाइब्रिड, सुंदरी फ्लावर जैसी किस्मों के फूलों की मांग अधिक है। वहीं, सजावटी पौधों में एरिका पॉम, स्पाइंडल लीली, पीस लीली, बम्बू, धन लक्ष्मी, विष्णु कमल और रेड मंचीरा जैसे पौधे शामिल हैं।
दिल्ली के राजपथ, इंडिया गेट, समाधि स्थल और राष्ट्रपति भवन की सजावट में भी काशी के इन पौधों का उपयोग होगा। गोरखपुर में बांध के किनारे और गोरखनाथ मंदिर में भी इन फूलों से सजावट की जाएगी। लखनऊ में पीजीआई और अन्य विभागों व पार्कों में भी यही फूल सजाए जा रहे हैं। कन्नौज के इत्र पार्क की सजावट पहले ही काशी के फूलों से हो चुकी है।
