पूर्वांचल
हत्या के जुर्म में सात को उम्रकैद
जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ रूपाली सक्सेना की अदालत ने खुटहन थानाक्षेत्र के हैदरपुर में एक मुकदमे की रंजिश के चलते गोली मारकर हत्या करने के मामले में पांच सगे भाइयों समेत सात आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक पर 30-30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। क्रॉस केस में, अदालत ने दो आरोपियों को मारपीट, गाली और धमकी देने का दोषी मानते हुए तीन-तीन साल की कारावास और 8000 रुपये का अर्थदंड लगाया है।यह मामला तब शुरू हुआ जब खुटहन थानाक्षेत्र के हैदरपुर गांव निवासी सुरेंद्र उपाध्याय ने प्राथमिकी दर्ज कराई। उनके अनुसार, नारायण दास के साथ मुकदमेबाजी की रंजिश थी। इसी विवाद के चलते 22 मई 2013 को नारायण दास और उनके साथियों ने सुरेंद्र के घर पर हमला किया। आरोपियों ने सुरेंद्र को गालियां देते हुए मारपीट शुरू कर दी। सुरेंद्र जान बचाकर घर के भीतर भाग गए, लेकिन आरोपी घर में घुस गए और उनके भाई नागेंद्र व अरविंद को बाहर खींच लाए।मनोज के ललकारने पर अर्जुन की लाइसेंसी राइफल से राजेंद्र ने नागेंद्र को गोली मार दी, जबकि बाद में अर्जुन ने अरविंद को भी गोली मारी। नागेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अरविंद को अस्पताल में भर्ती कराया गया।वहीं, दूसरी ओर, शैलेश उपाध्याय की शिकायत पर कोर्ट के आदेश से सुरेंद्र, देवेंद्र और अरविंद के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई। इसमें आरोप था कि ये लोग पड़ोसी के घर में घुसकर महिलाओं के गहने लूटने का प्रयास कर रहे थे, जिसमें हाथापाई के दौरान नागेंद्र को गोली लग गई और उसकी मौत हो गई।पुलिस ने दोनों मामलों में चार्जशीट दाखिल की। पहले मामले में नारायण दास की मृत्यु हो गई। कोर्ट ने राजदेव, कमला, अर्जुन, भीम, विनोद, महंत और राजेंद्र को हत्या के आरोप में दोषी पाया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा दी। वहीं, साक्ष्य के अभाव में अंजना, रिंकी, आशा, वंदना और गीता को दोषमुक्त कर दिया गया। क्रॉस केस में सुरेंद्र और अरविंद उपाध्याय को भी सजा सुनाई गई।
