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वाराणसी

स्वास्थ्य केन्द्रों पर मनाया गया खुशहाल परिवार दिवस

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रिपोर्ट – प्रदीप कुमार

सीमित व खुशहाल परिवार को लेकर लाभार्थियों ने ली सेवाएं

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परिवार नियोजन के बारे में भी मिला उचित परामर्श

वाराणसी: जिले के समस्त ब्लॉक व नगर स्तरीय प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, हेल्थ एंड वेलनेस सेन्टर समेत जिला महिला चिकित्सालय कबीरचौरा पर बृहस्पतिवार को खुशहाल परिवार दिवस मनाया गया। इस दौरान इच्छुक लाभार्थियों को सीमित व खुशहाल परिवार के लिए परिवार नियोजन की सेवाएं दी गई। साथ ही केंद्र पर आई महिलाओं और उनके परिजनों को परिवार नियोजन व जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए उचित परामर्श भी दिया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ संदीप चौधरी ने बताया कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने एवं स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से हर माह की 21 तारीख को खुशहाल परिवार दिवस मनाया जाता है। आशा-एएनएम घर-घर जाकर परिवार नियोजन सेवाओं की जानकारी पहुंचा रही हैं और दो बच्चों के जन्म के बीच सुरक्षित तीन वर्ष के अंतर का महत्व भी बता रही हैं।
परिवार कल्याण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सीएमओ डॉ एचसी मौर्य ने बताया कि बृहस्पतिवार को जनपद के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों व जिला महिला चिकित्सालय पर परिवार नियोजन के अस्थायी साधन कंडोम, माला-एन, तिमाही गर्भनिरोधक इंजेक्शन अंतरा, साप्ताहिक गर्भ निरोधक गोली छाया, कॉपर-टी के साथ ही स्थायी साधनों की सेवाएं दी गईं। उन्होंने बताया कि पुरुष नसबंदी पर लाभार्थी को 3000 रुपये और महिला नसबंदी पर 2000 रुपये प्रतिपूर्ति राशि विभाग की ओर से दी जाती है। इसके अलावा अन्य सेवाओं के लिए भी प्रतिपूर्ति राशि दी जाती है।
आदर्श ब्लॉक सेवापुरी के पीएचसी पर आयोजित कैंप में महिला चिकित्साधिकारी डॉ शालिनी शर्मा ने लाभार्थियों को अंतरा, पीपीआईयूसीडी आदि परिवार नियोजन की सेवाओं के साथ परामर्श भी दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक दंपति को परिवार नियोजन के विषय में विचार-विमर्श करके ही अपना परिवार आगे बढ़ाना चाहिए। इससे परिवार खुशहाल होगा। सामुदायिक स्तर पर परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ही यह दिवस मनाया जाता है।
लाभार्थियों के बोल – सेवापुरी पीएचसी पर पहुंचीं 28 वर्षीय रामवती (परिवर्तित नाम) ने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं लेकिन अब वह और बच्चा नहीं चाहती हैं। इसलिए वह अंतरा इंजेक्शन लगवा रही हैं। वह नसबंदी या ऑपरेशन नहीं करवाना चाहती हैं। 22 वर्षीय गर्भवती सविता (परिवर्तित नाम) ने बताया कि उनका एक बच्चा है। लेकिन दूसरे बच्चे के बाद वह चार पाँच साल तक कोई बच्चा नहीं चाहती हैं। इसलिए अनचाहे गर्भ से सुरक्षित रहने के लिए उन्हें डॉक्टर के द्वारा अस्थायी साधन पोस्ट पार्टम इंट्रायूटेराइन कॉन्ट्रासेप्टिव डिवाइस (पीपीआईयूसीडी) के लिए सलाह दी गई। साथ ही संतुलित व पोषणयुक्त खानपान की भी सलाह दी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता के माध्यम से सभी महत्वपूर्ण दिवस के बारे में जानकारी मिलती रहती है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता के माध्यम से सभी महत्वपूर्ण दिवस के बारे में जानकारी मिलती रहती है।

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