आजमगढ़
गांधी-शास्त्री जयंती पर शिक्षकों व रसोइयों का सम्मान, भावुक हुए गुरुजन
श्रीनगर सियरहां में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच शिक्षक-शिक्षिकाओं को माला, मोमेंटो व अंगवस्त्रम देकर किया गया सम्मानित
सगड़ी, आजमगढ़। बिलरियागंज शिक्षा क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय श्रीनगर (सियरहां) एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय परिसर में 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच शिक्षक-शिक्षिकाओं और रसोइयों को सम्मानित किया गया।
ध्वजारोहण कर कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाध्यापिका कमला रानी एवं समाजसेवी, भूतपूर्व सैनिक तथा अध्यापक अशोक कुमार राय ने ध्वजारोहण कर किया। इसके बाद महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री और मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन किया गया। कार्यक्रम में एसआरजी राम बदन विशिष्ट अतिथि रहे। अध्यक्षता चाणक्य इंडिया टीवी न्यूज के आजमगढ़ ब्यूरो चीफ रामनरायन राय उर्फ बबलू राय ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में मंडल ब्यूरो प्रभारी भास्कर सिंह उर्फ रिंकू सिंह उपस्थित रहे। संचालन मधू राय ने किया।
सम्मान पाकर भावुक हुए शिक्षक
महात्मा गांधी सम्मान समारोह के तहत अशोक कुमार राय ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय और प्राथमिक विद्यालय श्रीनगर सियरहां के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं रसोइयों को माला, मोमेंटो और अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया। सम्मान पाकर कई गुरुजन भावुक हो गए। प्रधानाध्यापिका कमला रानी ने कहा कि विद्यालय परिवार का सामूहिक सम्मान उनके लिए गौरव का क्षण है। इससे शिक्षकों का मनोबल बढ़ता है और बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए नई ऊर्जा मिलती है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
विद्यालय के बच्चों ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। अतिथियों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के संदेश तथा लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को याद किया।
शिक्षा और संस्कार के महत्व पर दिया जोर
इस अवसर पर भास्कर सिंह उर्फ रिंकू सिंह और रामनरायन राय उर्फ बबलू राय सहित कार्यक्रम से जुड़े लोगों को भी सम्मानित किया गया। एसआरजी राम बदन ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षकों का सम्मान समाज में शिक्षा और संस्कार के महत्व को मजबूत करता है। आयोजकों ने कहा कि शिक्षक बच्चों को शिक्षा देने के साथ उनके चरित्र और भविष्य का निर्माण भी करते हैं। इसलिए शिक्षकों का सम्मान वास्तव में शिक्षा का सम्मान है।
