गोरखपुर
प्रदर्शन के दौरान पुलिस से कथित मारपीट के मामले में एक गिरफ्तार
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के विरोध में प्रदर्शन और पुतला दहन के दौरान यातायात बाधित करने का भी आरोप
विरोध प्रदर्शन के दौरान हंगामे का आरोप
गोरखपुर। मुख्य निर्वाचन आयुक्त के विरोध में प्रदर्शन और पुतला दहन के दौरान पुलिसकर्मियों से कथित मारपीट, अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में कैंट पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान ज्ञानेन्द्र शाही पुत्र अनुरुद्ध शाही निवासी कुसमौल, थाना बेलीपार, हाल पता बहार सहारा स्टेट, थाना खोराबार, गोरखपुर के रूप में हुई है।
सड़क पर प्रदर्शन से यातायात प्रभावित
पुलिस के अनुसार, 28 सितंबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के विरोध में प्रदर्शन और पुतला दहन का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारी बिना अनुमति एकत्र होकर नारेबाजी और धरना-प्रदर्शन करने लगे। इसके बाद प्रदर्शनकारी विस्मिल पार्क से बाहर सड़क पर पहुंच गए और वाहनों तथा एंबुलेंस को रोककर यातायात बाधित करने लगे।
पुलिस से धक्का-मुक्की का आरोप
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को समझाकर शांत कराने और यातायात व्यवस्था बहाल कराने का प्रयास किया गया। आरोप है कि इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की की तथा गाली-गलौज, मारपीट और जान-माल की धमकी दी। पुलिस के मुताबिक इससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
कई धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
मामले में कैंट थाने पर मुकदमा अपराध संख्या 537/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 189(2), 189(3), 191(2), 115(2), 352, 121(2), 221, 285 तथा 7 सीएलए एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी मामले में पुलिस ने ज्ञानेन्द्र शाही को गिरफ्तार किया है।
पुराने मुकदमे का भी पुलिस ने किया उल्लेख
पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ वर्ष 2011 में कैंपियरगंज थाने में धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज से संबंधित मुकदमा भी दर्ज हुआ था। इसमें धारा 419, 420, 467, 468 और 471 भादंसं के तहत मामला पंजीकृत था।
पुलिस टीम ने की गिरफ्तारी
गिरफ्तारी करने वाली टीम में गोलघर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अवनीश कुमार पाण्डेय, रेलवे चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक रवि प्रकाश कुंवर और कांस्टेबल संजीत यादव शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
