वाराणसी
सम्मानजनक वेतन और सेवा सुरक्षा की मांग पर लामबंद हुए स्ववित्तपोषित शिक्षक
वाराणसी। अनुदानित महाविद्यालयों में कार्यरत स्ववित्तपोषित शिक्षकों ने सम्मानजनक वेतन और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। अनुदानित महाविद्यालय स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ (उप्र) की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से भेजे गए ज्ञापन में शिक्षकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।
संघ के अनुसार प्रदेश के 331 अनुदानित महाविद्यालयों में करीब तीन हजार शिक्षक पिछले 25 वर्षों से दोहरी व्यवस्था के तहत कार्यरत हैं। शिक्षकों का कहना है कि सेवाओं की अनिश्चितता और उनके बौद्धिक श्रम के अनुरूप मानदेय नहीं मिलने के बावजूद वे पिछले नौ वर्षों से विनियमितीकरण अथवा निश्चित मानदेय मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
शिक्षकों ने कहा कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद उन्हें स्थायी सेवा सुरक्षा और सम्मानजनक वेतन की व्यवस्था नहीं मिल सकी है। ऐसे में केवल कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ देना उनकी मूल समस्याओं का समाधान नहीं करता। संघ ने स्पष्ट किया कि सम्मानजनक वेतन और सेवा सुरक्षा के बिना शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना को स्वीकार करना उचित नहीं मानते।
ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से स्ववित्तपोषित शिक्षकों के लिए सम्मानजनक वेतन, सेवा सुरक्षा और सेवाओं के विनियमितीकरण अथवा निश्चित मानदेय की व्यवस्था करने की मांग की गई। संघ ने कहा कि शिक्षकों को चिकित्सा सुविधा के साथ-साथ जीविकोपार्जन के लिए स्थायी और सम्मानजनक व्यवस्था का आश्वासन दिया जाना आवश्यक है।
