गाजीपुर
कजरी के रंग में रंगा सावित्री बालिका इंटर कॉलेज, छात्राओं ने बिखेरी लोक संस्कृति की छटा
‘पिया मेंहदी मंगा दा मोती झील से…’ जैसे कजरी गीतों पर झूम उठा विद्यालय परिसर
नंदगंज-गाजीपुर। सावित्री बालिका इंटर कॉलेज बरहपुर-नंदगंज में मंगलवार को कजरी महोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्राओं ने विभिन्न प्रकार के पारंपरिक कजरी गीत प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। मधुर कजरी गीतों की प्रस्तुतियों से विद्यालय का पूरा वातावरण लोक संस्कृति के रंग में रंग गया।
पारंपरिक कजरी गीतों ने बांधा समां
प्रतियोगिता के दौरान छात्राओं ने एक से बढ़कर एक पारंपरिक कजरी गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी। “पिया मेंहदी मंगा दा मोती झील से, जाई के साइकिल से ना” तथा “सखी बगियां में फूलवां तैयार बा, कोई न तोड़नहार बा ना” जैसे लोकगीतों की प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया और छात्राओं ने खूब तालियां बटोरीं।

नई पीढ़ी को लोक संस्कृति से जोड़ने का है उद्देश्य
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती सोनी सिंह ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को भारत की प्राचीन कला, लोकगीत और समृद्ध संस्कृति से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने से युवा पीढ़ी अपनी परंपराओं के महत्व को जान सकेगी।
लोक संस्कृति को सहेजने के लिए प्रेरित होंगी छात्राएं
प्रधानाचार्या ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को पाश्चात्य संस्कृति का अंधानुकरण करने के बजाय अपनी लोक संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए प्रेरित करना आवश्यक है। कजरी महोत्सव जैसे आयोजन छात्राओं में अपनी जड़ों और लोक परंपराओं के प्रति जुड़ाव पैदा करते हैं।
शिक्षिकाओं और छात्राओं की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में विद्यालय की अध्यापिका पूजा सिंह, पूनम पांडे, कुंती यादव सहित अन्य शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर कजरी गीतों की मधुर धुनों और लोक संस्कृति की खुशबू से सराबोर रहा।
