मिर्ज़ापुर
जिलाधिकारी ने चकबंदी कार्यों की मासिक समीक्षा कर निस्तारण की गति बढ़ाने के दिए निर्देश
लंबित वादों का तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने और पारदर्शिता के साथ कार्य करने पर जोर
मीरजापुर। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में चकबंदी विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद की विभिन्न ग्राम पंचायतों में चल रही चकबंदी प्रक्रियाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए गए।
तय समय-सीमा में निस्तारित हों चकबंदी के मामले
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चकबंदी से जुड़े सभी प्रकरणों का निस्तारण निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाए। उन्होंने कहा कि न्यायालयों में लंबित चकबंदी से संबंधित वादों को प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारित करना सुनिश्चित किया जाए।
मौके पर जाकर समझें किसानों की समस्याएं
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहें, बल्कि आवश्यकता के अनुसार मौके पर जाकर किसानों का पक्ष भी समझें। उन्होंने कहा कि चकबंदी से जुड़े मामलों के निस्तारण में पूरी पारदर्शिता बरती जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
लंबित प्रक्रियाओं के लिए बने स्पष्ट कार्ययोजना
उन्होंने चकबंदी की विभिन्न धाराओं और चरणों में लंबित प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने के लिए स्पष्ट समय-सारणी और कार्ययोजना बनाकर काम करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि लंबित मामलों के निस्तारण की गति बढ़ाने के लिए अधिकारी नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करें।
लापरवाही और शिथिलता नहीं होगी स्वीकार
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि चकबंदी कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें और लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाएं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व देवेन्द्र प्रताप सिंह, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी अशोक त्रिपाठी, चकबंदी अधिकारी, सहायक चकबंदी अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
