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मेडिकल कॉलेज की आउटसोर्सिंग भर्ती पर धांधली के आरोप, अभ्यर्थियों ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
योग्य उम्मीदवारों की अनदेखी का दावा, भर्ती प्रक्रिया में बिचौलियों की सक्रियता के लगाए आरोप
मिर्जापुर।माँ विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (मिर्जापुर मेडिकल कॉलेज) में आउटसोर्सिंग भर्ती प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती में पारदर्शिता की अनदेखी करते हुए कथित रूप से कुछ कर्मचारियों और बिचौलियों की मिलीभगत से चयन प्रक्रिया प्रभावित की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।
एजेंटों की भूमिका पर सवाल
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कुछ निजी एजेंट मेडिकल कॉलेज परिसर में सक्रिय हैं और कथित रूप से कार्यालयों में बैठकर अभ्यर्थियों से संपर्क कर रहे हैं। उनका दावा है कि कुछ कर्मचारियों और एजेंटों की सांठगांठ के चलते भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो रही है।
योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी का आरोप
अभ्यर्थियों का कहना है कि मेरिट और निर्धारित योग्यता होने के बावजूद उन्हें लगातार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उनका आरोप है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता के बजाय कथित सिफारिश और लेन-देन को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे पात्र उम्मीदवारों में निराशा है।
पारदर्शिता और स्वास्थ्य सेवाओं पर चिंता
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि आउटसोर्सिंग भर्तियां निर्धारित नियमों और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए। उनका तर्क है कि यदि योग्य अभ्यर्थियों के स्थान पर अपात्र लोगों का चयन होता है तो इसका असर मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी पड़ सकता है।
अभ्यर्थियों ने रखीं चार प्रमुख मांगें
आक्रोशित अभ्यर्थियों ने पूरे भर्ती प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने, कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने, जांच पूरी होने तक भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने तथा दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन की कार्रवाई पर निगाहें
भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठे इन आरोपों के बाद अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और चिकित्सा शिक्षा विभाग पर टिकी हैं। यदि शिकायतों में तथ्य पाए जाते हैं तो संबंधित स्तर पर जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल, मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
